जगाधरी। शिक्षा विभाग ने ई-अधिगम योजना के तहत विद्यार्थियों को दिए टैबलेट के लिए सिम व इंटरनेट कनेक्शन सुविधा बंद कर दी है। अब टैबलेट का इस्तेमाल करने के लिए विद्यार्थियों को अपना सिम खरीदकर उसे इंटरनेट के लिए रिचार्ज करवाना होगा। ऐसे में इन टैबलेट की सुविधा अब स्कूलों तक सिमट कर रह गई है। वहीं, अभिभावक विभाग को टैबलेट लौटाने का मन बना रहे हैं। टैबलेट के लिए अलग सिम और हर महीने इंटरनेट का रिचार्ज करवाने से आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इसके अलावा जिनके एक से अधिक बच्चों के पास टैबलेट हैं उन अभिभावकों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है।
अभिभावक को अपने सभी बच्चों के लिए सिम और इंटरनेट पैक लेना होगा। जिससे उनका बजट प्रभावित होगा। ऐसे कई अभिभावक हैं जिनके दो या तीन बच्चे भी दसवीं से 12वीं में पढ़ते हैं। तीनों ही बच्चों के पास टैबलेट हैं और इनका इस्तेमाल करने के लिए उन्हें अलग-अगल सिम व इंटरनेट लेना होगा। विभाग के इन आदेशों से अभिभावकों की सिरदर्दी बढ़ गई है। ऐसे में अभिभावक विभाग का टैबलेट लौटाने की बात कह रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ अध्यापकों ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया है। बता दें कि जिले में दसवीं व 12वीं के करीब 1500 विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए हैं। जबकि दसवीं कक्षा में अभी दाखिले चल रहे हैं।
सभी बच्चों के लिए करवाना होगा रिचार्ज
अभिभावक राजेश, मिंटू, अनुज ऐसे अभिभावक हैं जिनके दो बच्चे हैं और दोनों ही दसवीं से 12वीं कक्षा में हैं। दोनों बच्चों को टैब मिला हुआ है। राजेश ने बताया कि उनकी बेटी 12वीं और बेटा 10वीं है। दोनों को टैबलेट मिले हैं। अब दोनों के लिए अलग-अलग सिम लेकर रिचार्ज करवाना पड़ेगा। इसी तरह अनुज बताया कि उसके दो बच्चों के साथ भांजी भी पढ़ती है। उसे तीन बच्चों के लिए सिम लेकर रिचार्ज करवाना पड़ेगा। दो जीबी प्रतिदिन 5जी इंटरनेट का पैक 350 से ज्यादा का है। ऐसे में तीन बच्चों के लिए रिचार्ज करवाना उनके लिए भारी है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रधान संजय कांबोज ने बताया कि विभाग के लिए आदेश से अभिभावकों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। यह विद्यार्थियों से पक्षपात जैसा होगा। विभाग को इसके लिए स्थायी बंदोबस्त करना चाहिए। सरकार ने बिना किसी सर्वे के टैबलेट योजना शुरू कर दी और अब इसकी सुविधा बंद कर दी है।
वर्जन
निदेशालय की ओर से टैबलेट के लिए सिम व इंटरनेट की सुविधा बंद कर दी है। घर के लिए विद्यार्थियों को इसका बंदोबस्त अपने स्तर पर करना होगा। फिलहाल अभिभावकों द्वारा टैबलेट लौटाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है।
कर्मवीर सिंह राठी, जिला गणित विशेषज्ञ।