संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अनाज मंडियों में धान खरीद का नया सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन पिछले साल जिले में हुए बहुचर्चित करीब 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले की जांच अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। जांच पूरी होना तो दूर, पुलिस और एसआईटी अब तक यह भी साफ नहीं कर पाई हैं कि इस गोलमाल में असल में कौन-कौन शामिल था।
लंबे समय से चल रही जांच में एसआईटी के हाथ लगभग खाली ही नजर आ रहे हैं। अब तक इस मामले में केवल तीन गिरफ्तारियां ही हो पाई हैं। इनमें हैफेड के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक सलेंद्र कुमार, क्रय प्रबंधक अनिल कुमार और चावल मिल मालिक संदीप कुमार सिंगला शामिल हैं। मामले में कोई नई गिरफ्तारी तो हुई नहीं, उलटा जो पकड़े गए थे, वे भी जमानत लेकर बाहर आ चुके हैं।
धान घोटाले के मुख्य आरोपी और छछरौली निवासी चावल मिल मालिक संदीप सिंगला को इसी साल जुलाई माह में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। सलेंद्र कुमार भी हाई कोर्ट से जमानत पर बाहर हैं। एसआईटी ने संदीप सिंगला को दो दिसंबर 2025 को राजस्थान से गिरफ्तार किया था। तब उम्मीद जताई जा रही थी कि इस गिरफ्तारी से घोटाले के कई अहम राज खुलेंगे, लेकिन पूछताछ के बावजूद जांच एजेंसी किसी बड़े नेटवर्क या अन्य सफेदपोशों तक पहुंचने में पूरी तरह विफल रही।
ऐसे खुला था करोड़ों का गोलमाल
यह मामला 13 नवंबर 2025 को तब उजागर हुआ था, जब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तत्कालीन निदेशक अंशज कुमार ने अपनी टीम के साथ संदीप सिंगला की चार चावल मिलों का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान अभिलेख के मुकाबले मिलों में धान का भंडार बेहद कम मिला था। इसके बाद छछरौली और रणजीतपुर स्थित चावल मिलों में भी भंडार में भारी कमी पाई गई। उसी दिन संदीप सिंगला और उनकी पत्नी रितिका सिंगला के खिलाफ थाना प्रतापनगर और थाना व्यासपुर में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं। एसपी ने डीएसपी जगाधरी राजीव मिगलानी के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी।
सरकारी कर्मचारियों हुई थी कार्रवाई
विभागीय स्तर पर इस मामले में कड़ी कार्रवाई जरूर हुई है। जांच के दौरान अनियमितताओं के आरोप में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक मनोज यादव, सविता, विनोद कुमार और एएफएसओ देवेंद्र कुमार को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं, धान घोटाले में हैफेड के प्रबंध निदेशक ने निरीक्षक चंद्रमोहन और राजेश को भी कर्तव्य में लापरवाही का दोषी मानते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं। घोटाले के समय चंद्रमोहन रणजीतपुर अनाज मंडी और राजेश प्रतापनगर क्षेत्र की चावल मिलों में बतौर भंडारपाल तैनात थे। एसआईटी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-17ए के तहत हैफेड के पूर्व जिला प्रबंधक उधम सिंह कांबोज से पूछताछ करने के लिए भी शासन से विशेष मंजूरी ले चुकी है।
मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर रखी है। कई विभागों से मामला जुड़ा होने के कारण अभिलेख की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही इसकी जांच पूरी कर ली जाएगी। -कमलदीप गोयल, एसपी, यमुनानगर।