संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। करीब 70 करोड़ रुपये के चर्चित धान घोटाले के मुख्य आरोपी एवं छछरौली निवासी राइस मिलर संदीप कुमार सिंगला को सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली। न्यायमूर्ति सुमित गोयल की अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
करीब साढ़े सात माह से जेल में बंद संदीप सिंगला अब जल्द ही जेल से बाहर आएगा। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी अब तक केवल तीन आरोपियों को ही गिरफ्तार कर सकी है।
इनमें हैफेड के तत्कालीन सीनियर मैनेजर शैलेंद्र कुमार, परचेज मैनेजर अनिल कुमार और राइस मिलर संदीप कुमार सिंगला शामिल हैं।
वहीं जांच के दौरान अनियमितताओं के आरोप में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर मनोज यादव, सविता, विनोद कुमार और एएफएसओ देवेंद्र कुमार को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। गौरतलब है कि 13 नवंबर को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तत्कालीन निदेशक अंशज कुमार ने टीम के साथ संदीप सिंगला की चार राइस मिलों का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान रिकॉर्ड के मुकाबले धान का स्टॉक काफी कम मिला था। इसके बाद छछरौली और रणजीतपुर स्थित राइस मिलों में भी स्टॉक में भारी कमी पाई गई। इसी दिन संदीप सिंगला और उनकी पत्नी रितिका सिंगला के खिलाफ थाना प्रतापनगर और थाना व्यासपुर में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। जांच के लिए डीएसपी रजत गुलिया के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।
इन शर्तों पर मिली जमानत
जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेंगे। ट्रायल के दौरान किसी भी मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करेंगे। सुनवाई की प्रत्येक तारीख पर अदालत में उपस्थित रहेंगे। जमानत अवधि के दौरान कोई अन्य अपराध नहीं करेंगे। यदि पासपोर्ट है तो उसे ट्रायल कोर्ट में जमा कराना होगा। अपना मोबाइल नंबर जांच अधिकारी/थाना प्रभारी को उपलब्ध कराएंगे और अदालत की अनुमति के बिना नंबर नहीं बदलेंगे। किसी भी प्रकार से मुकदमे की सुनवाई में देरी करने का प्रयास नहीं करेंगे।