संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। क्षेत्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। छछरौली मंडी में खुले में पड़ा धान बारिश के पानी से भीग गया। वहीं खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी फसल को भी नुकसान होने की आशंका है। मंडी के गेट और आसपास बारिश का पानी जमा होने से भी परेशानी बढ़ गई है।
किसान तेजिंद्र पाल, नरेंद्र सिंह और सतीश ने बताया कि इन दिनों धान की कटाई चल रही है। बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल के साथ कटाई के बाद मंडियों में पहुंच रहा धान भी प्रभावित हो रहा है। किसानों का कहना है कि वे फसल लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं, लेकिन खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण धान खुले में रखने को मजबूर हैं।
पिछले दो दिनों में कई किसानों का धान बारिश में भीग चुका है। किसानों ने बताया कि पहले ही खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बारिश ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। भीगे धान में नमी बढ़ने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की चिंता किसानों को सता रही है। किसानों को आशंका है कि गुणवत्ता प्रभावित होने पर उन्हें फसल बेचने में भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
मंडी परिसर में पानी जमा होने से आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। आढ़तियों ने बताया कि मंडियों में खुले में पड़े धान को बारिश से बचाना मुश्किल हो रहा है। तिरपाल से ढकने के बावजूद नमी के कारण धान प्रभावित हो रहा है। किसानों और आढ़तियों ने सरकार से जल्द धान की खरीद शुरू करवाने की मांग की है।
किसानों से अपील की गई है कि जब तक मौसम खराब है, मंडी में धान लेकर न आएं। मंडियों में धान को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। -अनिल पुरुषार्थी, सचिव मार्केट कमेटी।