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बिस्तर तक पाइप द्वारा पहुंचेगी ऑक्सीजन, सिलिंडर भरने का झंझट खत्म

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जिले में 3500 लीटर प्रति मिनट की क्षमता के चार ऑक्सीजन प्लांट 15 अगस्त से शुरू हो जाएंगे। इनसे मरीजों के बिस्तर पर पाइपलाइन से 24 घंटे ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी। कोविड अस्पताल व सिविल अस्पताल में सभी बिस्तर तक पाइपलाइन बिछा दी गई है। इन अस्पतालों में प्लांट के स्टोर रूम से सीधा पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन मरीजों तक पहुंचेगी। ट्रायल बेस पर अभी सिविल अस्पताल में पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन दी जा रही है।
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दरअसल कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों को ऑक्सीजन के लिए भटकना पड़ा था। इससे कोरोना के मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी होती थी। अब बिस्तर तक ऑक्सीजन सिलिंडर लाने-ले जाने की समस्या का पूर्ण रूप से निदान हो जाएगा। जिला मुख्यालय से दूर सरस्वती नगर की सीएचसी में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। इसके अलावा अन्य सीएचसी में बड़े ऑक्सीजन सिलिंडरों के माध्यम से पाइपों को जोड़ा गया है। इसमें सिलिंडर के सेट लगाए जा रहे हैं। इसमें एक सेट के सिलिंडर की ऑक्सीजन खत्म होने पर दूसरे सेट से आपूर्ति शुरू स्वयं शुरू हो जाएगी। इसके चलते ऑक्सीजन की आपूर्ति निर्बाध रहेगी। सारे प्लांट शुरू होने के बाद जिले में सिलिंडर रिफिलिंग कराने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।
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सिलिंडर बदलते समय मरीज हो जाता है बेचैन:
कोविड प्रभारी डॉ. वागिश गुटेन का कहना है कि सिलिंडर बदलने के दौरान मरीज को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाती है। इस दौरान मरीज की बेचैनी बढ़ जाती है, लेकिन अब पाइप लाइन से लगातार ऑक्सीजन मिलता रहेगा। सेंट्रल पाइप लाइन से ऑक्सीजन सप्लाई करने से मरीजों को बेहतर लाभ होता है। अब जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी भविष्य में नहीं आने वाली।
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ये है जिले की वर्तमान स्थिति
कुल ऑक्सीजन बेड- 570
नॉन ऑक्सीजन बेड- 210
आईसीयू- 185
वेंटिलेटर- 30
कोविड सिविल अस्पताल में
वेंटिलेटर- 05
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर- 15
भाजपा के कंसंट्रेटर- 07
नोट: बच्चों के लिए तैयार 419 बेड अतिरिक्त हैं।
यहां ऑक्सीजन प्लांट
-सिविल अस्पताल में 1000 लीटर प्रति मिनट की क्षमता।
-सिविल अस्पताल में 1000 लीटर का दूसरा प्लांट।
-ईएसआई कोविड अस्पताल में 1000 लीटर की क्षमता।
-सरस्वती नगर पीएचसी में 500 लीटर प्रति मिनट की क्षमता।
वर्जन
-15 अगस्त तक ऑक्सीजन प्लांट को शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए मशीन भी पहुंच चुकी हैं। कोरोना काल के दौरान अस्पतालोें में ऑक्सीजन की किल्लत हो गई थी। ऑक्सीजन प्लांट नहीं होने के कारण सिलिंडर भरवाने के लिए प्राइवेट प्लांट के भरोसे थे। वहीं दूसरे जिलों से भी ऑक्सीजन मंगवानी पड़ती थी। अब चारों प्लांट शुरू होने के बाद जिले में ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं होगी और ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाएगी।
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डॉ. विजय दहिया, सीएमओ
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