यमुनानगर। यदि आपका दस साल से प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है, तो इस पर लगा ब्याज सरकार की ओर से शत-प्रतिशत माफ कर दिया गया है। ब्याज माफी की इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रॉपर्टी मालिक को 31 दिसंबर से पहले अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराना होगा। प्रॉपर्टी टैक्स का ब्याज माफ करने पर मेयर मदन चौहान ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल व स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता का धन्यवाद किया है।
मेयर मदन चौहान ने कहा कि सरकार की ओर से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर ब्याज माफी की योजना शुरू करना एक अहम फैसला है। इसके तहत वर्ष 2010-11 से 2021-22 तक के हर बकायेदार को बड़ी राहत दी गई है। योजना का लाभ लेने के लिए बकायेदार प्रॉपर्टी टैक्स धारक को 31 दिसंबर 2022 से पहले टैक्स का मूलधन एकमुश्त जमा करना होगा। ऐसा करने पर प्रॉपर्टी टैक्स का ब्याज शत-प्रतिशत माफ कर दी जाएगा। इस योजना से निगम क्षेत्र के हजारों प्रॉपर्टी धारकों को फायदा होगा। जो प्रॉपर्टी धारक ब्याज समेत टैक्स जमा करवाने में असमर्थ थे, वह इस योजना का लाभ उठाकर अपना प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम के नागरिक सुविधा केंद्र (सीएफसी) में आकर किसी भी विंडो पर अपने टैक्स जमा करवा सकते है। इसके अलावा घर बैठे ऑनलाइन भी अपने प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान कर सकते है।
टैक्स का भुगतान न करने पर 1.5 फीसदी प्रति माह लगता है ब्याज
नगर निगम क्षेत्र में 178795 प्रॉपर्टी हैं, जिनमें से बहुत से प्रॉपर्टी धारकों ने कई सालों से टैक्स का भुगतान नहीं किया है। बकायेदारों पर प्रॉपर्टी टैक्स के करोड़ों रुपये बकाया है। जिनमें आवासीय, व्यावसायिक, खाली प्लाट, सरकारी दफ्तर आदि हैं। नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान समय से नहीं करने पर 1.5 फीसदी प्रतिमाह की दर से ब्याज वसूल करता है। देरी से टैक्स का भुगतान करते समय निगम कर्मी महीने के हिसाब से ब्याज की गणना करके वसूल करता है।
बकाया टैक्स वसूलने को निगम ने चलाया था सीलिंग अभियान -
बकाया प्रॉपर्टी टैक्स लेने के लिए निगम द्वारा हर बार प्रॉपर्टी सील करने का अभियान चलाया जाता है। इस बार भी निगम ने दो लाख से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स धारकों की प्रॉपर्टी को सील करने की कार्रवाई की थी। जिसके बाद काफी प्रॉपर्टी धारकों से टैक्स वसूला गया। लेकिन फिर भी कुछ बकाया दार प्रॉपर्टी धारक है, जिन्होंने अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया। जो अब सरकार की योजना का लाभ उठाकर अपने केवल मूल टैक्स जमा करवा सकते है।