संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन सोमवार को सीटू, सर्व कर्मचारी संघ, रिटायर्ड कर्मचारी संघ और जनवादी महिला समिति के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जिला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तहसीलदार जगाधरी अमित कुमार को सौंपा गया।
सीटू जिला संयोजक शर्बती देवी, सुनीता करेहड़ा, सतपाल सैनी, जोत सिंह और जापान सिंह ने कहा कि संगठन सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य हालात और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर थे और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि उनके स्वास्थ्य की समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जाए।
सतपाल सैनी, रोशन लाल, जोत सिंह, शोभन, सोमनाथ शर्मा, रेखा, मीनाक्षी, जरनैल सिंह चिनालिया, अशोक कुमार, राजबीर पिडोरा, सतीश जागड़ा, कविता शर्मा, सुनीता, कुसुम, किरण, मीना, गुरविंद्र कौर, मीना देवी, तारा देवी और उर्मिला देवी सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों में असंतोष है। मां है परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई। साथ ही कहा कि पुलिस की ओर से सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाना और धरना स्थल खाली कराना लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत है। संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखने का अधिकार देता है। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने, सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष कार्रवाई कराने की मांग की गई।
जगाधरी अनाज मंडी में नारेबाजी करते संगठनों के पदाधिकारी। संवाद