संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राजस्थान के जालौर में छात्र की मौत के मामले में जिले में दलित संगठनों से जुड़े लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना के विरोध में विभिन्न संगठनों के लोगों ने जिला सचिवालय परिसर में प्रदर्शन किया और राजस्थान सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताते हुए जगाधरी एसडीएम को गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके माध्यम से आरोपी को फांसी देने और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी।
रोष प्रदर्शन के दौरान गुरु रविदास मंदिर, डेरा बाबा लालदास कपालमोचन के महंत संत निर्मल दास, संत मैनपाल, संत जैन दास, संत बलवंत दास, डेरा कपालमोचन के प्रबंधक अमरनाथ ज्ञयासड़ा, महिंद्र पाल नागरा, इंद्रराज, इंद्रसेन, सेवादार ऋषिपाल, मास्टर ज्ञानचंद, हजरस के पूर्व जिलाध्यक्ष सतपाल, हरबंस सहित जिलेभर से दलित संगठनों के सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी जगाधरी अनाज मंडी में इकट्ठे हुए। यहां से रोष मार्च निकाल सचिवालय परिसर पहुंचे। लोगों ने घटना के रोष में सरकार विरोधी नारेबाजी की। बाद में ज्ञापन सौंपा गया।
संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि राजस्थान में हुई घटना से लोगों में रोष है। एक स्कूल में छात्र को पानी पीने से रोकना व उसकी बेरहमी से पिटाई करना शर्मनाक है। इस घटना से ऐसे मामलों से अनुसूचित जाति वर्ग में रोष है। इस पर समाज आंदोलन की राह पकड़ता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। मांग उठाई कि घटना में लापरवाही बरतने पर संबंधित थानेदार से लेकर जो भी अधिकारी जिम्मेदार हैं, उसे तत्काल निलंबित किया जाए। साथ ही घटनास्थल के 25 किमी तक सुरक्षा राजस्थान पुलिस आरएसी बटालियन के सुपुर्द की जाए। मामले में 15 दिन में स्पेशल कोर्ट में चालान पेश कर जल्द सजा दिलाई जाए।