संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में बिना अनुमति चल रहे स्कूलों पर ताला लगाने के शिक्षा निदेशालय ने आदेश दिए हैं। चार अगस्त को जारी पत्र में निदेशालय ने जिला शिक्षा एवं मौलिक शिक्षा अधिकारी को जिले में अवैध रूप से चल रहे स्कूल तुरंत प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए हैं। यही नहीं पत्र में निदेशालय ने स्कूल बंद करके उनकी सूची भी मुख्यालय भेजने के आदेश दिए हैं। यदि शिक्षा विभाग कार्रवाई करता है तो जिले के 50 से ज्यादा स्कूल बंद हो जाएंगे।
निदेशालय के आदेशों के बाद अधिकारियों ने अपने जिलों के स्कूलों की मैपिंग शुरू कर दी है। निदेशालय की ओर से इसके लिए पहले ही सूची जारी की जा चुकी है। विभाग की ओर से 20 अप्रैल को आदेश जारी कर 13 स्कूल बंद करने के लिए कहा था। पिछले वर्ष भी निदेशालय की ओर से 47 स्कूलों की सूची जारी की गई थी, परंतु उस दौरान स्कूलों ने अस्थायी मान्यता प्राप्त कर ली थी। इस बार निदेशालय ने ऐसे स्कूलों को मान्यता देने से मना कर दिया था। बावजूद इसके जिले में धड़ल्ले से अवैध रूप से स्कूल चलते रहे। वहीं अब निदेशालय ने तुरंत प्रभाव से स्कूल बंद करने के आदेश दिए हैं। इससे स्कूल संचालकों में बेचैनी बढ़ गई है।
शिक्षा विभाग यदि कार्रवाई करता है तो जिले के 50 से ज्यादा स्कूल बंद हो जाएंगे। यही नहीं इस सत्र की शुरुआत में ही निदेशालय ने जिला अधिकारियों को आदेश दिए थे कि बिना मान्यता चल रहे स्कूलों में दाखिले न होने दिए जाएं। परंतु नए सत्र में इन स्कूलों में फिर से दाखिले किए गए। निदेशालय ने इन स्कूलों का एमआईएस पोर्टल भी बंद कर दिया, लेकिन सभी स्कूलों में दाखिला चलते रहे। अभी तक इन स्कूलों में दाखिले चल रहे हैं। वहीं, आदेश मिलने के बाद जिला विभाग ने सूची से स्कूलों के नाम मिलान शुरू कर दिए हैं। इसके बाद वीरवार से इन स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूल बंद न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाने का प्रावधान है।
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शहर में हैं सबसे ज्यादा अमान्य स्कूल
जिले में अमान्य स्कूलों की सबसे ज्यादा संख्या शहर में है। यह हालात तब हैं, जब यहां जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, उपजिला शिक्षा अधिकारी, उपजिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारी भी बैठते हैं। पूर्व सूची के अनुसार छछरौली खंड में दो स्कूल, रादौर व सरस्वतीनगर में दो-दो, साढ़ौरा में चार, बिलासपुर में छह, प्रतापनगर में पांच स्कूल हैं। वहीं, शहर में सबसे ज्यादा 26 स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। शहर की पुराना हमीदा कॉलोनी में ही नौ व जगाधरी शहर में छह ऐसे स्कूल बिना अनुमति के चल रहे हैं। जिले में चल रहे इन 47 अमान्य स्कूलों में से 37 पूरी तरह गैरकानूनी तरीके से चल रहे हैं। वहीं दस स्कूलों के पास केवल कुछ कक्षाओं की मान्यता है, लेकिन यह पहली से 12वीं तक कक्षाएं लगा रहे हैं। इन स्कूलों में 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
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जिले में बिना अनुमति व अवैध रूप से चल रहे स्कूलों पर कार्रवाई करने के निदेशालय ने आदेश जारी किए हैं। गैरकानूनी तौर पर चल रहे तमाम स्कूलों पर ताला लगाया जाएगा। वीरवार से इन स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी, ऐसे सभी स्कूल बंद किए जाएंगे।
-अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।