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Yamuna Nagar News: धौड़ंग गांव में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का विरोध

Fri, 06 Mar 2026 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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गांव धौड़ंग में लगाई गई प्लास्टिक निस्तारण मशीन। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। धौड़ंग गांव में करीब 16 लाख रुपये की लागत से बनी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का वीरवार को ग्रामीणों और किसानों ने विरोध कर दिया। ग्रामीणों ने इसे कचरा प्लांट समझते हुएकरीब एक घंटे तक नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिन के भीतर यूनिट को बंद नहीं किया गया तो वे स्टेट हाईवे जाम करने के लिए मजबूर होंगे।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण गांव की सरपंच रिंपी सैनी से भी उलझ गए। लोगों का आरोप था कि सरपंच ने उन्हें पहले से यह नहीं बताया कि गांव में किस प्रकार की यूनिट बनाई जा रही है। धौड़ंग गांव में तीन दिन पहले ही प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का उद्घाटन डीसी प्रीति ने किया था। अब ग्रामीणों को इसके बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया।
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भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर, कर्मजीत, कर्मबीर सिंह, पुष्पेंद्र, रविंद्र, जगपाल, महिंद्र, सतनाम सिंह और बलिंद्र का कहना है कि कचरा आने से मच्छर और मक्खियां बढ़ेंगी, जिससे गांव में बीमारियों का खतरा पैदा होगा। धौड़ंग पहले से ही अधिक आबादी वाला गांव है और यहां कई उद्योग और फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं, जिनके कारण प्रदूषण की समस्या पहले से ही बनी हुई है।
ऐसे में गांव में कचरे से जुड़ा कोई भी प्लांट लगाना उचित नहीं है। गांव में किसी भी नए प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले ग्रामीणों को इसकी पूरी जानकारी दी जानी चाहिए, लेकिन इस मामले में प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। उनका आरोप है कि मंगलवार कोडीसी चुपचाप गांव में पहुंचीं और प्लांट का उद्घाटन कर दिया, जिसकी सूचना ग्रामीणों को पहले नहीं दी गई।
ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। अंडर ट्रेनिंग आईएएस सुमन यादव और बीडीपीओ दीपांशु जिंदल भी गांव पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया। इस दौरान किसानों की ओर से बीडीपीओ को एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें यूनिट को बंद करने की मांग की गई।
इस संबंध में बीडीपीओ दीपांशु जिंदल ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट को लेकर ग्रामीणों में गलतफहमी है। यहां केवल चुनिंदा प्लास्टिक कचरे को रीसाइकिल किया जाएगा और इससे गांव या पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। ग्रामीणों की आपत्तियों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और इस विषय पर जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा।
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ऐसे काम करती है प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट
स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत जिला परिषद की तरफ से धौड़ंग से पहले धौलरा गांव में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट लगाई जा चुकी है। इस यूनिट गांव से एकत्रित की जाने वाली प्लास्टिक को कंप्रेस किया जाता है। घरों से रोजमर्रा में काफी मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट निकलता रहता है। इस्तेमाल न होने पर लोग प्लास्टिक को यहां वहां फेंक देते हैं। यूनिट में प्लास्टिक कटर मशीन, बेलिंग मशीन व डस्ट रिमूवर मशीन लगी हैं। डस्ट रिमूवर मशीन प्लास्टिक को साफ करती है। टर मशीन से प्लास्टिक को बारीक काटा जाता है। बेलिंग मशीन से प्लास्टिक को कंप्रेस करके इसकी छोटी-छोटी गांठ बना दी जाएंगी ताकि इसे स्टोर करने में कोई परेशानी न हो। घरों से निकलने वाली प्लास्टिक को लोगों के घरों में ही एकत्रित किया जाएगा। निर्धारित समय के बाद घरों से प्लास्टिक को उठाकर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में पहुंचाया जाएगा। इस यूनिट को स्वयं सहायता समूह, एनजीओ या फिर ग्राम पंचायत अपने स्तर पर भी चला सकेगी। प्लास्टिक बेचने से जो कमाई होगी उसे ग्राम पंचायत व संचालन करने वालों में बांटा जाएगा।

गांव धौड़ंग में लगाई गई प्लास्टिक निस्तारण मशीन। संवाद

गांव धौड़ंग में लगाई गई प्लास्टिक निस्तारण मशीन। संवाद

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