यमुनानगर। रेलवे स्टेशन के पास स्थित कैनाल रेस्ट हाउस में बुधवार को अभिभावक सेवा मंच ने बैठक व प्रेसवार्ता की। मंच ने पहली कक्षा में निर्धारित आयु सीमा को लेकर आवाज उठाई गई। इस दौरान अभिभावकों ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण बच्चों का एक साल खराब होने लगा है। बच्चों का एक साल ही नहीं बल्कि उनके हजारों रुपये भी खराब हो रहे हैं।
बैठक मंच संयोजक महेंद्र सिंह मित्तल, प्रभारी संदीप गांधी व सचिन विपिन गुप्ता के नेतृत्व में हुई। महेंद्र मित्तल ने कहा कि छह साल से कम उम्र के बच्चों को लेकर शिक्षा विभाग ने कोई आदेश नहीं दिया हैं। वहीं 31 मार्च को शिक्षामंत्री ने अभिभावकों को आश्वस्त किया था कि तीन साल के लिए नई शिक्षा नीति के तहत जो भी समस्या आ रही हैं, उसका सामधान किया जाएगा। अभिभावकों की परेशानी यह है कि दाखिले शुरू हो गए हैं। निजी स्कूल छह साल से कम आयु के बच्चों को उसी कक्षा में बैठाने की बात कह रहे हैं। सरकार का अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं आया है।
इस दौरान एक महिला ने कहा कि उनका बच्चा पांच साल का है। उसे पहली में नहीं बैठने दिया जा रहा है। वह प्री-नर्सरी, नर्सरी और केजी की कक्षाएं पास कर चुका है। अब बच्चा उससे बार-बार पूछ रहा है कि वह फेल हो गया है कया। इसका बच्चों के मन मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है।
संदीप गांधी ने कहा कि मंच के पास करीब ऐसे 80 अभिभावकों की सूची है, जिनके बच्चों को पहली कक्षा में नहीं बैठाया जा रहा है। इस दौरान संजीव गुप्ता, संजय मित्तल, ममता शर्मा, संजय शर्मा,विपिन गुप्ता, चारू गुप्ता, विशाल गुप्ता, संजीव गुप्ता, बावा सिंह, पवन कुमार,दीपक, संदीप आदि उपस्थित रहे।