संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल में करोड़ों रुपये से बनाए गए चार ऑपरेशन थियेटर बिना यूपीएस के धूल फांक रहे हैं। यूपीएस लगाने के लिए करीब 50 लाख रुपये चाहिए। यह बजट स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी तक नहीं दिया गया है।
ऑपरेशन थियेटर में हर वक्त बिजली का बैकअप रखना पड़ता है। ताकि मरीज का ऑपरेशन करने के दौरान यदि बिजली अचानक चली भी जाए तो यूपीएस से मिले बैकअप से रोशनी रहे। इसके अलावा मेडिकल उपकरण भी चलते रहें। ऑपरेशन के दौरान बिजली चली जाए तो मरीज की जान को भी खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने चार ऑपरेशन थियेटर तो बना दिए लेकिन यूपीएस का प्रबंध अभी तक नहीं किया गया है। अस्पताल का उद्घाटन हुए ढाई माह बीत चुके हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पीजीआई व बड़े अस्पतालों के ऑपरेशन थियेटर में जो मशीनें लगी हैं, ठीक वैसी ही जिला अस्पताल में लगाई गई हैं। इन्हें पूरी तरह से ऑटोमेटिक, बैक्टीरिया मुक्त होने के अलावा वातानुकूलित बनाया गया है। चारों ऑपरेशन थियेटर अस्पताल के बी- ब्लॉक के चतुर्थ तल पर एक ही जगह पर बनाए गए हैं।
यहां तक की ऑपरेशन थियेटर के दरवाजे भी सेंसर से युक्त हैं जिन्हें खोलने के लिए हाथ भी नहीं लगाना पड़ता। स्टॉफ या डॉक्टर के आने पर अपने आप खुल जाएंगे। ओटी में विदेशों से मंगवाई गई सर्जिकल लाइट मशीनें लगाई गई हैं जिनकी मदद से डॉक्टरों को ऑपरेशन करने के दौरान किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
अस्पताल में चारों ओटी को नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थ केयर (एनएबीएच) की गाइडलाइन के अनुसार बनाया गया है। ऑप्रेशन थियेटर के पास ही हेपा फिल्टर लगाए गए हैं। यह फिल्टर भी ऑटोमेटिक हैं। जिन्हें चलाने के लिए हाथ लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हेपा फिल्टर हाथों में लगे छोटे से छोटे कीटाणु को भी सोख लेता है, जिससे ऑपरेशान के दौरान मरीज को संक्रमण होने का खतरा नहीं रहता। ऑपरेशन थियेटर को पूर्ण रूप से बैक्टीरिया मुक्त रखना होता है।
अस्पताल का नया भवन 105 करोड़ रुपये से बना
मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल का नया भवन करीब 105 करोड़ रुपये से बना है। पुराने भवन को तोड़ कर वर्ष 2020 में नया बनाने का काम शुरू हुआ था। नए भवन में ए व बी ब्लॉक अस्पताल में मरीजों के लिए तथा सी ब्लॉक सिविल सर्जन कार्यालय के लिए है। जिला अस्पताल के हर ब्लॉक में सेंट्रल एसी लगाया गया है।
यूपीएस के लिए लिखा : डॉ. दिव्या मंगला
जिला अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि चारों ऑपरेशन थियेटरों में बिजली बैकअप के लिए यूपीएस लगाना जरूरी होता है। यूपीएस पर लाखों रुपये खर्च आना है। बजट के लिए मुख्यालय में पत्र लिखा है।