संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला सचिवालय में सोमवार को आयोजित समाधान शिविर में एक बार फिर व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने आई। खंड और उपमंडल स्तर पर समाधान न मिलने से परेशान लोग उम्मीद लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे, लेकिन यहां भी अधिकांश शिकायतकर्ताओं को केवल आश्वासन ही हाथ लगा।
समाधान शिविर में कुल छह शिकायतें दर्ज की गईं, मगर मौके पर किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। शिकायतकर्ता शिविर से बाहर निकलते समय यह कहते दिखे कि उन्हें पहले भी कई बार यही आश्वासन मिल चुका है। नालों की सफाई, सीवर निकासी, बिजली बिल और फैमिली आईडी जैसी समस्याएं महीनों से लंबित हैं, लेकिन हर बार जांच और कार्रवाई का भरोसा देकर मामला टाल दिया जाता है।
लोगों का कहना है कि जब खंड और उपमंडल स्तर पर समाधान नहीं होता, तब वे मजबूरी में जिला सचिवालय आते हैं। लेकिन यहां भी यदि ठोस कार्रवाई के बजाय केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। गोविंदपुरा निवासी मान सिंह ने नालों की सफाई न होने से गंदगी और जलभराव की समस्या उठाई। यमुनानगर निवासी सचिन ने बिजली उपयोग के गलत बिल आने के बारे में शिकायत रखी।
वार्ड नंबर-4 बूडि़या निवासी मोहम्मद सलीम ने काले बाबा मंदिर वाली गली में सीवर व बरसाती पानी के घरों और खेतों में भरने से हो रही परेशानी बताई। इसी तरह मुंडा माजरा निवासी संध्या देवी और गांव अलाहर निवासी कांता देवी ने परिवार पहचान पत्र में आय अधिक दर्शाए जाने की शिकायत रखी। भगवानगढ़ निवासी छोटे लाल कुमार ने प्रॉपर्टी आईडी बनवाने में आ रही दिक्कत अधिकारियों के सामने रखी।
शिविर में मौजूद सिटीएम पीयूष गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत का मौके पर ही समाधान करने का भरसक प्रयास किया जाए और जिन मामलों में दस्तावेज या जांच की जरूरत है, उन्हें समयबद्ध तरीके से निपटाया जाए। समाधान शिविर सप्ताह में दो दिन सोमवार और वीरवार को सुबह 10 से 12 बजे तक जिला व उपमंडल स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं।
शिविर में डीआईओ विनय गुलाटी, एआईपीआरओ मनोज पांडे, समाधान शिविर के विशेष सदस्य भाजपा जिला महामंत्री नरेंद्र सिंह राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।