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ऑनलाइन शॉपिंग से बाजारों की रौनक गायब

Thu, 05 Nov 2015 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
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दीवाली पर मार्केट में काफी बदलाव आया है। इस पर अमर उजाला ने व्यापारियों से उनकी प्रतिक्रिया ली है। कुछ व्यापारियों के अनुसार बीते वर्षों में जहां दीवाली आते ही बाजार गुलजार नजर आते थे। वहीं, अब बाजारों की रौनक में कमी आई है। लोग अधिकतर सामान की लोग घर बैठे ही आन लाइन शॉपिंग करने लगे है। कुछ दामों में स्थिरता और भ्रष्टाचार के कम होने की बात कह रहे है। वहीं कुछ लोग पहले की अपेक्षा मार्केट में मंदी बता रहे है।
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बाजारों से चहल पहल हुई कम   
  दीपक का कहना है कि दीवाली की खरीदारी को लेकर बर्तन बाजार में पहले जो चहल पहल होती थी, अब धीरे-धीरे वो खत्म होती जा रही है। इसका मुख्य कारण ऑन लाइन शॉपिंग है। लोग घर बैठे ही खरीदारी करने लग गए है। मोबाइलाईजेशन का जमाना है। लोग मोबाइल से ही ऑन लाइन शॉपिंग कर लेेते है बाजारों में आने की जहमत ही नहीं जुटाते।
दामों में आई स्थिरता :
गारमेंट व्यापारी संजय मित्तल का कहना है कि बीते वर्षों की तरह इस बार त्योहारी सीजन में अधिकतर वस्तुओं के दामों में स्थिरता आई है। मोदी सरकार बनने के बाद लोग चाइनीज सामान को छोड़कर स्वदेशी अपनाने लगे है। लोकल मेड सामान पर लोगों को विश्वास बढ़ रहा है। सस्ता और घटिया सामान छोड़कर लोग अब क्वालिटी पर ध्यान दे रहे है।
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एल्यूमीनियम मार्केट में आया डाउन फाल
बर्तन व्यापारी सुरेंद्र सिंगला का कहना है कि बीते सालों की तरह अब दीवाली पर एल्युमीनियम मार्केट में काफी डाउन आ गया है। लोगों को जहां एल्युमीनियम के प्रति रुझान कम हुआ है। वहीं मार्केट के लिए सरकार की कोई पॉलिसी नहीं है। सरकार की रिफंड पॉलिसी से व्यापारियों को और नुकसान झेलना पड़ रहा है। कर्नाटका, गुजराज व राजस्थान में एल्यूमीनियन पर टेक्ट नहीं है, लेकिन हरियाणा में टेक्स लिए जाने के कारण भी मार्के ट में डाउन आया है।
लोगों का रुझान हुआ कम :  
योगराज का कहना है कि बर्तन मार्केट में लोगों का रुझान काफी कम हो गया है। दीवाली पर लोग खरीदारी के लिए आते तो है, लेकिन जो खरीदारी दीवाली पर 5-7 साल पहले होती थी, अब उसमें काफी गिरावट आई है। बाजारों में भीड़ से बचने के लिए लोग अब ऑनलाइन शॉपिंग कर घर बैठे ही खरीदारी करने लगे है।  
32 साल पहले भी ऐसे हालात नहीं  
व्यापारी पवन कुमार का कहना है कि दीवाली पर मार्केट के अब जो मंदी के हालात है, ऐसे हालत तो 32 साल पहले भी नहीं आए थे। बर्तन मार्केट में स्टील, लोहे और पीतल के बर्तनों का स्टैंडर्ड तो बड़ा, लेकिन मार्केट कम हो गई है। दीवाली पर मार्केट में जो भीड़ होती थी, अब उसके लिए बर्तन व्यापारी तरसते नजर आ रहे है।
बॉक्स
भ्रष्टाचार हुआ कम :  
व्यापारी विक्रम चौहान का कहना है कि दीवाली पर पहले विभिन्न विभागों की तरफ से छापेमारी होती थी, इसमें भ्रष्टाचार बहुत नजर आता था। लेकिन अब इस पर अंकुश लगा है। पहले सैंपल के नाम पर अधिकारी व्यापारियों को लूटते थे। अब इसमें काफी गिरावट आई है। छापामारी और सेंपल आज भी लिए जाते है, लेकिन अब उसमें भ्रष्टाचार बहुत कम हो गया है।
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