यमुनानगर। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर वीरवार काे सिविल सर्जन डाॅ. मंजीत सिंह की अध्यक्षता में स्पर्श कुष्ठरोग दिवस मनाया गया। सिविल सर्जन ने राधा कृष्ण कुष्ठ आश्रम में अधिकारियों व कर्मचारियों और उपस्थित लोगों को कुष्ठ रोग से मुक्त करने के लिए शपथ दिलवाई गई। उन्होंने कुष्ठरोग आश्रम में रहने वाले लोगों को फल व दवाइयां वितरित की । उन्होंने कहा कि हमारे समाज में कई प्रकार की भ्रांति फैली हुई है कि यह रोग पुनर्जन्म या पुराने पापों का फल है जो कि सत्य नहीं है। हमें बीमार से नहीं बीमारी से घृणा करनी चाहिए।
मंजीत सिंह ने कहा कि कुष्ठरोग की जांच, रोकथाम व उपचार पूर्ण रूप से संभव है। कुष्ठ रोग छूने से नहीं बल्कि रोगाणु से होता है। कुष्ठरोग अनुवांशिक नहीं है। कुष्ठ रोग के उप सिविल सर्जन डाॅ. अनूप गोयल ने बताया कि कुष्ठ रोग दिवस सभी सरकारी अस्पतालों में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक आमजन में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से मनाया जाएगा। जिसमें उन्होंने कुष्ठ रोग के लक्षणों के बारे में बताया कि त्वचा पर हल्के या ताम्बिया रंग के दाग धब्बे जिनमें सूखापन या सुन्नपन हो, हाथ पैरों में झुनझुनी जलन या कमजोरी, वस्तु को पकड़ने या उठाने में कमजोरी, चेहरा कान या शरीर के किसी भाग की त्वचा लाल और मोटी हो गई हो, उस पर सूजन या छोटी मोटी गांठें हो गई हो तो तुरंत इसकी जांच करवाएं व कुष्ठ रोग निकलने पर इस का सभी सरकारी संस्था में उपचार मुफ्त किया जाता है। पैरामेडिकल वर्कर गुरमेल सिंह ने विभिन्न इलाकों में जाकर कुष्ठरोग के प्रति लोगों में प्रचार किया। मौके पर सुशील कुमार लेखाकार, गुरदेव कुमार समाज सेवक मौजूद रहे।