संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। त्योहार शुरू हो चुके हैं। इसके साथ ही लोगों को उपहार देने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। जिसके लिए मिष्ठान भंडारों पर मिठाई बनाने का काम कई दिनों से चल रहा है। मिठाई भले ही कई दिनों से बन रही हो लेकिन सैंपल आज तक एक का भी नहीं लिया गया। सैंपल लेगा भी कौन क्योंकि जिन फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर को मिठाइयों के सैंपल लेने हैं उनका पद काफी समय से खाली पड़ा है।
त्योहारों के दिनों की अहमियत पता होते हुए भी स्वास्थ्य विभाग ने जिले में किसी फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर की नियुक्ति नहीं की है। जिसका फायदा मिलावट करने वाले उठा रहे हैं। मिलावट हो रही है या नहीं इसका पता खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच कराने से ही हो सकता है। परंतु जब फूड इंस्पेक्टर ही नहीं है तो न सैंपल लिए जा रहे हैं और न ही जांच हो पा रही है।
यमुनानगर में पद खाली होने के कारण यहां का चार्ज सोनीपत के फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर बीरेंद्र सिंह को दिया हुआ है। बीरेंद्र सिंह के पास सोनीपत के अलावा पानीपत व यमुनानगर का चार्ज भी है। सप्ताह में शनिवार व रविवार की छुट्टी होती है। ऐसे में पांच दिन बचते हैं। जिससे पता चलता है कि फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर सप्ताह में दो-दो दिन भी एक जिले को नहीं दे पा रहे हैं। जिससे तीनों जिलों में सैंपल लेने का कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
त्योहारों में सबसे ज्यादा मिठाई की बिक्री दीपावली पर्व पर होती है। दीपावली पर खोया, मावा से बनी मिठाई की बिक्री ज्यादा होती है। इसके अलावा पनीर, दूध व दही भी बहुत ज्यादा बिकता है। त्योहारों में दूध की खपत बहुत ज्यादा बढ़ जाती है इसलिए इसकी पूर्ति नहीं हो पाती। ऐसे में मिलावट करने वाले एक्टिव हो जाते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती का फायदा उठाकर वह मिलावटी दूध, पनीर, खोया व मावा तैयार करने लगते हैं। काफी लोग तो ऐसे हैं थोक में मिठाई बनाकर हलवाइयों की दुकानों पर सप्लाई करते हैं। वह थोक में 80 रुपये किलोग्राम तक मिठाई बेचते हैं। दुकानदार इसी मिठाई को दोगुना रेट पर लोगों को बेचता है। जो लोग 80 रुपये में बना रहे हैं वह भी मुनाफा कमाते हैं। इसलिए जो 80 रुपये में मिठाई बेच रहा है वह शुद्ध के बजाय मिलावटी मिठाई ही बना रहे होंगे।
फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर बीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पास सोनीपत का मुख्य चार्ज है। इसके अलावा पानीपत व यमुनानगर का अतिरिक्त चार्ज है। सभी जिलों में ड्यूटी कर रहे हैं। जल्द ही सैंपल लेने का काम शुरू हो जाएगा।