संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। क्षेत्र के प्रसिद्ध व ऐतिहासिक आठ दिवसीय जाहरवीर गोगा माड़ी मेले का आयोजन नगर पालिका की ओर से 17 से 24 सितंबर तक कराया जा रहा है। इसको लेकर इस बार नगर पालिका की ओर से पिछले वर्ष मेले में दुकानों की बोली को लेकर हुए विवाद के बाद किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए इस बार ठेकेदार के माध्यम से मेले में अस्थाई तौर पर दुकानें लगाई जाएंगी।
नगर पालिका अब तक मेले की 150 से अधिक दुकानों की खुली बोली करता था, लेकिन पिछले वर्ष खुली बोली के बाद विवाद होने के चलते इस बार नगर पालिका की ओर से मेले में ठेकेदार के माध्यम से मेले में अस्थाई दुकानें लगाए जाने की व्यवस्था की है। नगर पालिका सचिव गुलशन कुमार ने बताया कि इस बार मेले में नगरपालिका की ओर से सभी अस्थाई 150 दुकानों का ठेका ठेकेदार को दिया जाएगा।
नगर पालिका कार्यालय में 10 सितंबर को सुबह 11 बजे दुकानों की खुली बोली की जाएगी। कोई भी ठेेकेदार नौ सितंबर को शाम पांच बजे तक एक हजार रुपये की फीस व 50 हजार रुपये बोली की राशि जमा करवाकर बोली में भाग ले सकता है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष नगरपालिका की ओर से मेले में लगाई जाने वाली लगभग 150 अस्थाई दुकानों को बोली के माध्यम से दुकानदारों को दिया जाता था।
पिछले वर्ष मेले के दौरान सीएम फ्लाइंग की टीम ने मामले को लेकर छापेमारी की तो नगरपालिका कर्मचारियों के होश उड़ गए। विवाद बढ़ा तो नपा के अधिकारियों ने इस बार किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए पूरे मेले की दुकानों का ठेका एक ही ठेकेदार को देने के लिए फरमान जारी किया। रादौर के लगभग 400 वर्ष पुराने मेले में पहली बार ऐसा होगा कि नगरपालिका की ओर से मेले की दुकानों का ठेका किसी ठेकेदार को दिया जा रहा है।