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जिले में डेंगू ने दी दस्तक, एक केस मिलने से हड़कंप

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कॉलोनी में स्वास्थ्य विभाग की टीम सदस्य खून के सेंपल लेते हुए - फोटो : YAMUNA NAGAR
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जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है। शहर की शांति कॉलोनी में डेंगू से पीड़ित एक केस सामने आया है, जबकि 17 केस संदिग्ध बुखार के सामने आए हैं। पीड़ित का चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज चल रहा है। उधर, डेंगू केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग ने तुरंत टीमें गठित कर कॉलोनी में भेजी। जहां लोगों के खून के सैंपल लिए और उन्हें दवाइयां दी गई। इस दौरान चिकित्सकों ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।
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17 केस संदिग्ध बुखार के मिले : कॉलोनी में टीम द्वारा जांच करने पर 17 केस संदिग्ध बुखार के मिले हैं जिनके खून के सैंपल लिए गए तथा कई घरों में रखे कूलर चेक किए। जिनमें डेंगू का लारवा मिला। उन्हें विभाग की तरफ से नोटिस दिए गए, ताकि वह साफ-सफाई रखें। इसके अलावा शांति कॉलोनी में खाली प्लॉटों में जमा पानी में भी डेंगू का लारवा पाया गया। वहां चिकित्सकों ने दवाई तथा काला तेल डाला गया, ताकि लारवा पनपे नहीं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बरसात के मौसम में सावधानी बरतने की अपील की है और बुखार होने पर तुरंत अस्पताल में इलाज करवाने की सलाह दी है।
पीजीआई में जाकर हुई पुष्टि : हालांकि डेंगू से पीड़ित एक केस सामने आया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का यह कहना है कि चंडीगढ़ पीजीआई में पीड़ित की जांच होने पर डेंगू की पुष्टि हुई है। उधर, कॉलोनी में डेंगू का केस मिलने से लोग भी काफी डरे हुए हैं। कॉलोनी में गंदगी का भी काफी आलम है। लोगों का कहना है कि कर्मचारी यहां ठीक से सफाई भी नहीं करते हैं। कई बार खुद ही सफाई करनी पड़ती है।
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इस तरह से होता है डेंगू : डेंगू मच्छर वर्षा ऋतु के दौरान बहुतायत से पाये जाते हैं। यह मच्छर प्राय: घरों स्कूलों और अन्य भवनों में तथा इनके आस-पास एकत्रित खुले एवं साफ पानी में अंडे देते हैं। इनके शरीर पर सफेद और काली पट्टी होती है इसलिए इनको टाइग्र (चीता मच्छर) भी कहते हैं। यह मच्छर निडर होता है और ज्यादातर दिन के समय ही काटता है। डेंगू एक विषाणु से होने वाली बीमारी है जो एडीज एजिप्टी नामक मादा मच्छर के काटने से फैलती है। डेंगू एक तरह का वायरल बुखार है।
डेंगू के लक्षण :
- आंखें लाल हो जाती हैं और स्किन का रंग गुलाबी हो जाता है।
- गले के पास की लिम्फ नोड सूज जाते हैं। डेंगू बुखार 2 से 4 दिन तक रहता है और फिर धीरे-धीरे तापमान नार्मल हो जाता है।
- बुखार के साथ-साथ शरीर में खून की कमी हो जाती है।
- शरीर में लाल या बैगनी रंग के फफोले पड़ जाते हैं।
- नाक या मसूड़ों से खून आने लगता है।
- डेंगू की शुरूआत तेज बुखार, सिरदर्द और पीठ में दर्द से होती है।
- शुरू के 3 से 4 घंटों तक जोड़ों में भी बहुत दर्द होता है।
- अचानक से शरीर का तापमान 104 डिग्री हो जाता है और ब्लड प्रेशर भी नार्मल से बहुत कम हो जाता है।
ऐसे करें डेंगू से बचाव
1. डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है इसलिए दिन में मच्छरों के काटने से खुद को बचाएं।
2. बारिश के दिनों में फुल शर्ट ही पहनें। पांवों में जूते जरूर पहनें। शरीर को कहीं से भी खुला न छोड़ें।
3. घर के आसपास या घर के अंदर पानी नहीं जमने दें। कूलर, गमले, टायर इत्यादि में जमे पानी को तुरंत बहा दें।
4. कूलर में यदि पानी है तो इसमें किरासन तेल डालें जिससे कि मच्छर पनप ना पाये।
5. मच्छरदानी का उपयोग करें और मच्छरों को दूर करें।
6. पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंक कर रखें।
7. सबसे पहले नजदीकी डॉक्टर से सहायता लें और खून में प्लेटलेट्स की जांच करवा लें।
8. उपचार का मुख्य तरीका सहायक चिकित्सा देना ही है। रोगी को लगातार पानी देते रहें नहीं तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है। नसों के जरिए भी रोगी को तरल दिया जाता है।
9. रोगी के खून में यदि प्लेटलेट्स की संख्या बहुत कम हो जाए या फिर रक्त स्राव शुरू हो जाए तो खून चढ़ाना भी पड़ सकता है।
10. खुद से कोई दवा न लें क्योंकि यदि आपने गलती से एस्प्रीन या कोई और गैर स्टेरॉयड दवाएं ली तो रक्तस्राव बढ सकता है।
कॉलोनी में एक डेंगू का केस मिला है जिसकी पुष्टि चंडीगढ़ पीजीआई में जाकर हुई है। टीम गठित कर चिकित्सकों को वहां भेजा गया और खून के सैंपल लेने के बाद दवा भी दी गई। इसके अलावा कई जगहों पर लारवा भी मिला है जिसे नष्ट कर दिया गया है। कॉलोनी में अब स्थिति ठीक है।
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-डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ।
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