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सवा घंटा अंधेरे में डूबा रहा जगाध्ारी

Sun, 11 May 2014 11:57 PM IST
जगाधरी
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शनिवार रात को आई आंधी के दौरान शहर के सभी फीडर ब्रेक डाउन हो गए। इस वजह से सवा घंटे तक पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहा। फीडर ब्रेक डाउन होने की वजह से सबसे ज्यादा दिक्कतें फैक्टरी मालिकों को उठानी पड़ी।
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विद्युत निगम से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार रात को करीब नौ बजे तेज हवा चलनी शुरू हो गई। देखते ही देखते हवा आंधी में तब्दील हो गई। इसके उपरांत रात को 9 बजकर 10 मिनट पर शहर के बुडिया फीडर, केसर नगर फीडर, द्वाराकापुरी फीडर, गुलाब नगर फीडर, नरेंद्र चौक फीडर, समता योग फीडर इत्यादि की बिजली गुल हो गई। शहर के सभी फीडरों की बिजली गुल होने पर पूरा शहर अंधेरे में डूब गया।

बिजली गुल होने पर लोगों ने समझा कि रोजमर्रा की तरह कोई कट लगा है। लेकिन जब काफी देर तक बिजली नहीं आई, तो उन्होंने पावर हाउस पर फोन कर स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई। जहां से उन्हें पता चला कि तकनीकी खराबी की वजह से फीडर ब्रेक डाउन हुए हैं।
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फीडर ब्रेक डाउन होने की सूचना मिलने के बाद बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने तकनीकी खराबी को ठीक करने में जुट गए। सवा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात को करीब साढे़ 10 बजे बिजली सुचारु हो पाई। इसके उपरांत लोगों ने राहत की सांस ली।

बर्तन व्यापारियों की बढ़ी मुश्किलें
बिजली गुल होने के उपरांत सबसे ज्यादा दिक्कतें बर्तन व्यापारियों को हुई। बर्तन फैक्टरी मालिक विजय कुमार, राहुल शर्मा, पवन कुमार, योगेश शर्मा का कहना है कि कभी फीडर ब्रेक डाउन तो कभी अन्य तकनीकी खराबी की वजह से बिजली गुल हो जाती है।

मजबूरन उन्हें जनरेटर सेट पर मशीनों को चलाना पड़ता है। इस वजह से सामान की लागत बढ़ जाती है, जो कि उनके लिए संभव नहीं है। बिजली के बिना मजदूरों को खाली बैठना पड़ता है। एक बार बिजली गुल होने पर उनका हजारों रुपये का नुकसान होता है। इसके अलावा गलाई की भट्टी को फिर से चालू करने में काफी समय लग जाता है।

वहीं द जगाधरी मेटल मेन्युफैक्चर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा का कहना है आए दिन शहर में तकनीकी खराबी के कारण बिजली गुल हो जाती है। इस वजह से फैक्टरी मालिकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक बार बिजली गुल होने पर गलाई की भट्टी को दोबारा से गर्म करने में कई घंटे लग जाते हैं। इस वजह से सामान की लागत बढ़ना लाजमी है।
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