संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में वीरवार को अहोई अष्टमी पर्व की धूम रही। इस दौरान माताओं ने संतान की सलामती व खुशहाली के लिए निर्जला व्रत किया। संध्या में अहोई अष्टमी व्रत कथा सुनी और रात को तारों को अर्घ्य देकर व्रत पूर्ण किया। इस दौरान मंदिरों में महिलाओं की भीड़ उमड़ी।
महिलाओं ने मंदिरों में माता पार्वती व भगवान गणेश की प्रतिमा के समक्ष माथा टेका। वहीं, बच्चों व परिवार की सुख-स्मृद्वि व बच्चों की लंबी आयु के लिए कामना की। इस दौरान सुनीता, सीमा, कांता, पूनम, रेखा, निर्मल, सरोज, सोनिया, कृष्णा, मोहिनी ने बताया कि अहोई अष्टमी का व्रत बच्चों की लंबी आयु व परिवार में सुख समृद्धि के लिए किया जाता है। अहोई माता की पूजा से बच्चे दीर्घायु और निरोगी होते हैं। उन्होंने कहा कि अहोई माता की पूजा के बाद मिट्टी के बर्तन में पानी भरकर संध्या बेला में कथा सुनकर रात में तारों को अर्घ्य देकर व्रत पूरा करती हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा ने बताया कि अहोई माता आदिशक्ति मां पार्वती का ही रूप हैं। इस दिन सायंकाल में दीवार पर आठ कोष्ठक की पुतली लिखी जाती है। उसी के पास सेई और सेई के बच्चों के चित्र भी बनाए जाते हैं। परंतु आज कल इसके स्थान पर पोस्टर व प्रतिमाएं स्थापित किए जाते हैं। धरती पर चौक पूर कर कलश स्थापित किया जाता है। कलश पूजन के बाद दीवार पर लिखी अष्टमी का पूजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि अहोई अष्टमी व्रत संतान प्राप्ति के लिए भी किया जाता है।
अहोई अष्टमी पर्व को लेकर बाजारों में खूब रौनक देखने को मिली। पूर्व संध्या और पर्व के दिन भी लोगों ने खूब खरीदारी की। इस दौरान महिलाओं की उपस्थिति अधिक रही। महिलाओं ने अहोई अष्टमी व्रत संबंधी सामग्री की खरीदारी की। इस दौरान फूल, फल, चित्रकार, कपड़ों सहित तमाम दुकानों पर भीड़ देखी गई। वहीं, देर शाम भी बाजार में काफी भीड़ रही। सबसे ज्यादा भीड़ खान-पान की दुकानों पर रही।