पुराना हमीदा समीप पुराने एनएच 73 पर क्षतिग्रस्त डिवाइडर।
सिटी की लाइफ लाइन पुराना एनएच-73 (कैल-कलानौर) पर पीडब्ल्यूडी अफसर सर्दियों से पहले रोड सेफ्टी के मानक पूरे करने की कवायद में लग गए हैं। इसके लिए पहले 1.63 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया, जिस पर मंजूरी के बाद अब ई-टेंडर भी लगा दिया है। अफसरों की मानें तो पहली बार में टेंडर प्रक्रिया सिरे चढ़ती है तो छह माह में कैल से कलानौर के बीच जहां-जहां रोड सेफ्टी के काम होने हैं, वो पूरे कर लिए जाएंगे। यानी सर्दियों में फॉग सीजन से पहले पुराने एनएच-73 पर रोड सेफ्टी के प्रोजेक्ट पूरे कर लिए जाएंगे।
बता दें उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर कलानौर से अंबाला रोड पर जगाधरी के कैल तक शहर से निकल रही 23 किमी. सड़क नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधीन थी और यह एनएच-73 था। वर्ष-2018 में पंचकूला से कलानौर तक नेशनल हाईवे-344 बना। इससे कैल से कलानौर तक का हिस्सा शहर के बजाय बाहर से ही बाइपास हो गया। साथ ही शहर से निकल रही 23 किमी. सड़क पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर हो गई।
सीएम की घोषणा के तहत शहर के बीच से निकल रहे कैल से कलानौर मार्ग अधिकांश जगह चौड़ा किया जा चुका है, पर कुछ जगह अब भी काम बाकी है। ऐसे ही विश्वकर्मा चौक से डब्ल्यूजेसी पुल तक सड़क चौड़ी नहीं हुई। यहीं पर डिवाइडर भी क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे ही जगाधरी के रक्षक विहार चौक से जगाधरी बस स्टैंड तक सड़क चौड़ी हुई, पर डिवाइडर पर ग्रिल लगाने सहित लाइट, सूचक व अन्य रोड सेफ्टी मानक अधूरे हैं। ऐसे सभी कामों के लिए पीडब्ल्यूडी अफसरों ने रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके 1.63 करोड़ रुपये के तैयार एस्टीमेट पर विभाग की मंजूरी के बाद ई-टेंडर लगा दिया है।
पीडब्ल्यूडी एक्सईएन नवीन खत्री ने बताया कि प्रोजेक्ट में मुख्यता कैल-कलानौर मार्ग पर बने 3.77 किमी. तक के डिवाइडर सुधारे जाएंगे। इनमें विश्वकर्मा चौक से डब्ल्यूजेसी पुल तक खत्म हो चुके डिवाइडर को दोबारा बनाया जाएगा, वहीं रक्षक विहार से जगाधरी बस स्टैंड तक डिवाइडर पर ग्रिल लगाए जाएंगे। ऐसे अन्य रोड सेफ्टी के काम कैल से कलानौर मार्ग पर सर्दियों से पहले पूरे कराए जाएंगे।