संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला सचिवालय में उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने वीरवार को पश्चिमी यमुना नहर में शहर के गंदे पानी को न डालने को लेकर संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यमुना नहर में नाले व नालियों का गंदे पानी को टैब लगाकर बंद करें और पानी की निकासी सीवरेज में डाले।
यमुना नहर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 19 प्वाइंट चिन्हित किए गए थे जिनमें से अब तक 13 प्वाइंट को टैब किया जा चुका है। शेष छह प्वाइंट पर चर्चा की गई। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द ही इन छह प्वाइंट को बंद करने के निर्देश दिए।
उन्होंने दड़वा डेयरी कांप्लेक्स एवं शहर के अन्य डेयरी संचालकों से अपील की है कि पशुओं के मल मूत्र एवं अन्य अपशिष्टों को प्रवाहित न करें और पानी का प्रयोग कम करें।
उन्होंने जिला वासियों से ग्रीष्म ऋतु में कम अथवा जरूरत के अनुरूप ही पानी का उपयोग करने की अपील की। साथ ही पानी का दुरुपयोग नहीं करने के लिए कहा। बैठक में मुख्य रूप से नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा, सीईओ जिला परिषद वीरें सिंह ढुल, जगाधरी के एसडीएम सोनू राम, अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता रवि मित्तल, डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बार्डे के आरओ वीरेंद्र पूनिया, पंचायती विभाग के कार्यकारी अभियंता लव कुमार आदि मौजूद रहे।