संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नवरात्र के बाद से लोग खरीदारी करने शहर के मुख्य मार्गों व बाजारों में पहुंच रहे हैं, पर यहां उन्हें ट्रैफिक जाम से भी दो चार होना पड़ रहा है। क्योंकि त्योहारों व शादियों के सीजन के चलते मुख्य मार्गों व बाजारों में अतिक्रमण के साथ ट्रैफिक जाम भी बढ़ रहा है। इसकी वजह विधानसभा चुनाव में अफसरों का व्यस्तता मानी जा रही है।
हर साल तहबाजारी व वाहन पार्किंग की हद तय करने को बाजारों व मुख्य मार्गों पर पीली पट्टी लगाई जाती थी। इस बार ऐसा नहीं हो पाया है। इसका फायदा उठाकर दुकानदार व रेहड़ी-फड़ी वाले फुटपाथ से सड़कों तक सामान रख रहे है, वहीं आधी सड़क तक बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े हैं। इस तरह आने-जाने के संकरे रास्तों पर वाहन चालक बार-बार ट्रैफिक जाम में फंस रहे हैं।
शहर के किसी बाजार व मार्ग पर सरकारी स्तर पर वाहन पार्किंग नहीं है। नगर निगम ने सड़कों पर वाहन पार्किंग की हद तय करने को मार्किंग की थी, पर वह मिट चुकी है। ऐसे में आधी सड़क तक वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े हो रहे हैं। इससे वाहन चालकों के आने-जाने के रास्ते संकरे हो जाते हैं।
फुटपाथ पर भी दुकानदारों का सामान रखा होने से पैदल राहगीर भी वाहनों की आवाजाही के बीच से जान जोखिम में डाल निकल रहे हैं। खासकर पुराना रादौर रोड, रेलवे रोड, वर्कशॉप रोड, जीएनजी छोटी लाइन, मॉडल टाउन में यह समस्या ज्यादाहै। नवरात्र व अन्य त्योहारों के साथ शादियों का सीजन भी आ रहा है।
मुख्य मार्गों व बाजारों में शहर सहित गांवों से हजारों लोग रोज खरीदारी करने पहुंच रहे हैं, जो फुटपाथ से आधी सड़क तक अतिक्रमण व बेतरतीब ढंग से खड़े होने के कारण ट्रैफिक जाम झेल रहे हैं। जिस रास्ते से निकलने में आम दिनों में पांच मिनट लगते हैं, वहां ट्रैफिक जाम की स्थिति में 20 से 25 मिनट लग रहे हैं।
भारी वाहनों की आवाजाही का तय हो समय
निवर्तमान पार्षद राम आसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह ने कहा कि नगर निगम अफसरों को मुख्य बाजारों व सड़कों पर तहबाजारी व वाहनों की पार्किंग की हद तय करने के लिए पीली पट्टी लगानी चाहिए। साथ ही दुकानों पर सामान लाने व भेजने के लिए भारी वाहनों की आवाजाही का भी अलग समय होना चाहिए, क्योंकि इन वाहनों से जाम की स्थिति बनती है।
सड़कों व बाजारों में वाहन पार्किंग सही से हो, इस बारे में संबंधित अफसरों को निर्देश देंगे। लोगों से भी अपील है कि सड़कों पर बेतरतीब ढंग से वाहन न खड़े करें। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।