यमुनानगर। साइबर ठगों ने व्हाट्सएप पर लिंक भेज कर एनआरआई महिला और उसकी मां के खाते से करीब 15 लाख रुपये निकाल लिए। महिला को जब अपने साथ हुई ठगी का पता चला तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
सेक्टर-17 निवासी अलका पांडेय ने साइबर क्राइम पुलिस थाने में दी शिकायत में बताया कि वह अमेरिका में रहती है। गत 16 फरवरी को वह भारत आई थी। उसने मार्च महीने में एसबीआई बैंक का डेबिट कार्ड अप्लाई किया था। उसका डेबिट कार्ड उसकी ससुराल गुजरात के पते पर पहुंच गया। गुजरात से उसके भतीजे ने उसका डेबिट कार्ड 30 मार्च को श्री अंजनी कोरियर सर्विस से भेजा था। उसे डेबिट कार्ड की सख्त जरूरत थी, जिस कारण उसने बीती एक अप्रैल को डेबिट कार्ड को ट्रैक करने के लिए गूगल पर जाकर कोरियर सर्विस कंपनी की वेबसाइट पर अपनी ट्रेक आईडी चेक की, मगर उसे कोई सहायता नहीं मिली। फिर उसने ट्रेक आईडी पर दिए मोबाइल नंबर पर कॉल की, मगर कॉल कट गई। उसके तुरंत बाद उसके पास फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि वह कोरियर सर्विस से बोल रहा है। उसने आरोपी को अपने कोरियर की ट्रैक आईडी दी, जिस पर आरोपी ने उसे कहा कि उसका कोरियर जल्द आ जाएगा। आरोपी ने उसके व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा और उस लिंक पर दो रुपये जमा करवाने को कहा। उसने आरोपी द्वारा भेजे गए लिंक को खोल कर अपनी माता सुधा देवी के खाते से उस पर दो रुपये गूगल पे कर दिए। इसके बाद उसकी मां के अकाउंट से पैसे कटने लगे। जांच करने पर उसे पता चला कि उसकी मां के बैंक खाते से 99999 रुपये कट गए हैं। इसके बाद फिर से सात अप्रैल को उसके अमेरिका के मोबाइल नंबर पर एक नंबर से फोन आया, मगर उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उसने अपने मोबाइल नंबर से उसी मोबाइल नंबर पर फोन किया, उसने कहा कि आपने कोई ट्रांजेक्शन तो नहीं की। यह बात सुनते ही वह अचंभित रह गई। उसने तुरंत फोन काट कर एसबीआई बैंक में जाकर अपना खाता चेक किया तो उसके खाते से आईएमपीएस तथा आरटीजीएस द्वारा 14 लाख रुपये निकाले गए थे। उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। साइबर थाने के जांच अधिकारी एसआई महरूफ अली का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आम लोगों से अपील है कि साइबर ठगों के झांसे में न आएं। अनजान लोगों को अपने अकाउंट संबंधित कोई जानकारी न दें।