लोगों को पास में ही स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की
ओर से जगाधरी और यमुनानगर में तीन डिस्पेंसरी खोली जाएंगी। डिस्पेंसरी
खोलने की मंजूरी स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन को मिल गई है। जिन स्थानाें पर
विभाग की ओर से डिस्पेंसरी खोलने का निर्णय लिया गया है, वहां के लोगों को
अभी या तो सिविल अस्पताल जगाधरी या फिर सिविल अस्पताल यमुनानगर की दौड़
लगानी पड़ती है। जो इन क्षेत्रों से तीन से पांच किलोमीटर दूर पड़ते हैं।
इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। डिस्पेंसरी खुलने की
मांग लंबे समय से उठती भी आ रही थी।
यहां खुलेंगी डिस्पेंसरी
यमुनानगर
शहर का सबसे बड़ा क्षेत्र कहे जाने वाले कैंप एरिया में एक डिस्पेंसरी
खुलेगी। इस क्षेत्र की आबादी हजारों में है और इस क्षेत्र से दो पार्षद
हैं। इसके साथ ही दो डिस्पेंसरी जगाधरी में खोली जाएगी। इसमें एक गंगानगर
कॉलोनी तो एक डिस्पेंसरी अन्य किसी कॉलोनी में खुलेगी। जगाधरी की इन दो
कॉलोनियों में भी हजारों की संख्या में लोग रहते हैं। इनको इन डिस्पेंसरी
का लाभ मिल सकेगा।
बीमारी प्रभावित क्षेत्र हैं तीनों
यमुनानगर
का कैंप क्षेत्र मलेरिया, डेंगू और डायरिया से प्रभावित है। कैंप की
विभिन्न कॉलोनियों में काफी संख्या में मलेरिया, डेंगू और डायरिया के केस
मिलते हैं, लेकिन डिस्पेंसरी न होने से हर बार यहां पर हालात बेकाबू हो
जाते हैं और बाद में हालात पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कड़ी
मशक्कत करनी पड़ती है। इस वर्ष भी ऐसा ही हुआ है। पिछले माह कैंप की दो तीन
कॉलोनियों में संदिग्ध मलेरिया और डेंगू के कई मामले सामने आए हैं। इसके
साथ ही तीन संदिग्ध की मौत हो चुकी है। बात अगर जगाधरी की गंगानगर, मधु
कॉलोनी और भगीरथ कॉलोनी की कि जाए तो यहां भी हालात ऐसे ही हैं। डायरिया का
काफी अधिक प्रकोप यहां रहता है, लेकिन डिस्पेंसरी न होने से लोगों को दवा
लेने के लिए सिविल अस्पताल की लंबी दौड़ लगानी पड़ती है। डिस्पेंसरी खुलने
से लोग झोलाछाप डॉक्टरों से लुटने से भी बचेंगे।
स्वास्थ्य विभाग को भी मिलेगी जानकारी
पिछले
माह कैंप में जब लोग संदिग्ध मलेरिया और डेंगू से पीड़ित थे, तो स्वास्थ्य
विभाग इस बात को लेकर बेखबर था। इसका एक बड़ा कारण ये ही था, कि लोग बीमार
होने के बाद भी सरकारी अस्पताल तक नहीं पहुंच रहे थे, वे आसपास के
प्राइवेट अस्पतालों में ही इलाज करा रहे थे। इससे स्वास्थ्य विभाग को खबर
ही नहीं थी कि यहां पर सैकड़ों लोग बीमार हैं। डिस्पेंसरी खुलने से लोग
बीमार होने पर दवा लेने डिस्पेंसरी पहुंचेंगे और स्वास्थ्य विभाग को भी
क्षेत्र की पल-पल की जानकारी होगी कि यहां पर किसी प्रकार का संदिग्ध बुखार
तो नहीं फैला है।