देशभर में रामलीला के बाद दीपावली भी समाप्त हो चुकी है। वहीं प्रदेश के सरकारी स्कूल के बच्चे अब रामलीला का मंचन करेेंगे। विभाग ने छठी के पाठ्यक्रम में रामायण को शामिल किया है। जिसके अंतर्गत स्कूलों में निपुण बाल रामायण प्रतियोगिता का मंचन करवाया जाएगा। इसमें पहली से छठी के बच्चे रामायण के पात्रों का किरदार निभाएंगे। मुख्यालय के निर्देशानुसार 26 अक्तूबर से स्कूलों में रामलीला का अभ्यास शुरू किया जाना था, लेकिन त्योहारों के चलते अब 28 अक्तूबर से 10 नवंबर तक स्कूलों में बच्चे रामलीला मंचन का अभ्यास करेंगे। बाल रामायण प्रतियोगिता जिले के सभी माध्यमिक स्कूलों में शिक्षा दिवस के दिन 11 नवंबर को करवाई जाएगी। इसमें पहली से छठी कक्षा के बच्चे किरदार निभाएंगे। मुख्यालय की ओर से सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी व योजना अधिकारियों को इस बारे पत्र भेजकर निर्देश दिए गए हैं। विभाग का उद्देश्य बच्चों का भाषा व संवाद दक्षता को बेहतर बनाना है। रामायण के पात्रों से उनका नैतिक व बौद्धिक स्तर में वृद्धि करनी है। निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्रदेश के सभी स्कूलों में यह प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। इसके लिए जिला मौलिक अधिकारी की ओर से सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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बनानी होगी तीन से चार मिनट की वीडियो
छठी कक्षा के पाठ्यक्रम में बाल रामायण लागू की गई है। यह बच्चों में नैतिक व बौद्धिक स्तर उठाने के लिए की गई है। इसी के अंतर्गत निपुण हरियाणा मिशन के तहत रामलीला करवाई जाएगी। जिसमें पहली से छठी के विद्यार्थी रामायण पात्रों का किरदार निभाएंगे। इससे बच्चों में शुद्ध उच्चारण, हिंदी में पकड़ और संवाद कुशलता का विकास करने की योजना है। 11 नवंबर को शिक्षा दिवस मनाया जाता है। इसी दिन यह प्रतियोगिता करवाई जाएगी। जिसमें अध्यापकों को रामलीला की तीन से चार मिनट की वीडियो बनाकर ट्विटर और फेसबुक के जरिये हैशटैग निपुण हरियाणा निपुण रामायण पर डालनी होगी। जो मंचन सबसे बेहतरीन होगा, उसे निपुण हरियाणा के आधिकारिक ट्विटर और फेसबुक पेज पर प्रसारित व प्रचारित किया जाएगा।
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छोटे संवाद से बच्चे होंगे शामिल
बच्चों में भाषा व शिक्षण के प्रति रुचि पैदा करने और अनुभव से सीखने, भाषा कौशल समझने के लिए यह रामलीला करवाई जा रही है। बच्चों को भारतीय मूल व इतिहास के बारे बताने में इस माध्यम से आसानी होगी। रिहर्सल में माता-पिता के अलावा समुदायों का भी सहयोग लिया जाएगा। रामलीला मंचन की खास बात यह है कि इसमें केवल पहली से छठी के बच्चों को ही शामिल किया गया है। पहली से तीसरी के बच्चों को छोटे-छोटे संवादों से रामायण से जोड़ा जाएगा।
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वर्जन
सभी स्कूलों में छठी कक्षा तक के विद्यार्थी निपुण हरियाणा मिशन के तहत बाल रामलीला में भाग लेंगे। इसके लिए 28 अक्तूबर से अभ्यास शुरू करवाया जाएगा। 11 नवंबर को प्रतियोगिता होगी। इसके लिए विभाग की ओर से सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
पिरथी सैनी, उप जिला मौलिक शिक्षा, अधिकारी।