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अब मेडिकल के लिए भटक रहे जेबीटी

Tue, 02 May 2017 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
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यमुनानगर - फोटो : यमुनानगर
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अमर उजाला ब्यूरो
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यमुनानगर। जिले के विभिन्न स्कूलों में नवनियुक्त 2006 जेबीटी को मेडिकल कराने के लिए भी धक्के खाने पड़े। सिविल अस्पताल के अधूरे इंतजाम के चलते दिनभर हजारों जेबीटी सिविल अस्पताल में इधर-उधर भटकते रहे। अस्पताल में पर्ची काउंटर से लेकर सीएमओ कार्यालय तक में जेबीटी की भीड़ लगी रही। मेडिकल पर्ची के लिए एक ही काउंटर होने से अधिकतर जेबीटी का पूरा दिन पर्ची कटाने में ही बीत गया। दोपहर बाद तक किसी भी जेबीटी का मेडिकल नहीं हुआ। इसी को लेकर जेबीटी ने हो-हल्ला करना शुरू कर दिया। जिसके चलते अस्पताल में पुलिस बुलानी पड़ी। मेडिकल प्रक्रिया पूरी न होती देख सिविल प्रशासन ने अस्पताल में आए जेबीटी को शॉर्ट लिस्ट कर उन्हें अलग-अलग तारीखों में मेडिकल कराने के लिए बुलाया।
बतां दे कि यमुनानगर के विभिन्न स्कूलों में 1006 नवनियुक्त जेबीटी की ज्वाइनिंग होनी है। बीती 28 व 29 अप्रैल को सभी नवनियुक्त जेबीटी को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से ज्वाइनिंग लेटर मिल चुका है। सभी को अब 12 मई तक अपने स्कूल में जाकर ज्वाइन करना है। इससे पहले सभी जेबीटी के मेडिकल होने हैं। जिसके लिए उन्हें सोमवार को बुलाया गया। सभी जेबीटी सोमवार को एक साथ सिविल अस्पताल यमुनानगर में पहुंच गए। मरीजों के साथ जेबीटी के अस्पताल में पहुंचने से भीड़ और बढ़ गई और इतने लोगों को संभालना अस्पताल स्टाफ के लिए मुश्किल हो गया। सिविल अस्पताल में मेडिकल कराने के लिए रोजमर्रा में लोग आते रहते हैं। लेकिन जेबीटी के  मेडिकल का पता होने के बावजूद अस्पताल में प्रशासन द्वारा इसके लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई। हजारों लोगों का मेडिकल कराने के लिए सिर्फ एक ही काउंटर था। पूरा दिन जेबीटी का सिर्फ पर्ची कटवाने में ही निकल गया। क्योंकि जहां पर्ची बनती है वहां पर पहले से रोजमर्रा के मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। इसके बाद मेडिकल फीस जमा करानी थी। सीएमओ कार्यालय से मुहर लगने के बाद अलग-अलग डाक्टर से चेकअप कराना होना था। लेकिन जिन लोगों की पर्ची बनी, वे भी मेडिकल कराने में सफल नहीं हो पाए। जो लोग डॉक्टरों से जांच कराने में सफल हुए, उन्हें लैब से टेस्ट रिपोर्ट के लिए धक्के खाने पड़े। अस्पताल में अधिक भीड़ होने व व्यवस्था न होने के चलते एक बार जेबीटी ने हो हल्ला करना शुरू कर दिया। हंगामा होता देख पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही थाना शहर यमुनानगर एसएचओ अजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाकर शांत किया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा जेबीटी को शॉर्ट लिस्ट किया गया और उन्हें अलग अलग दिन आने का टाइम दिया गया।
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दिनभर तैनात रही पुलिस  
हंगामे की सूचना मिलते ही शहर एसएचओ अजीत मौके पर पहुंचे। उन्होंने इधर-उधर खड़े जेबीटी को लाइन में लगने को कहा। जो लोग जबरदस्ती डाक्टरों के केबिन में घुसे हुए थे उन्हें बाहर निकाला गया। सुरक्षा के लिहाज से अस्पताल में पुलिस कर्मियों को दिनभर तैनात किया गया।

संडे की वजह से बढ़ती है ओपीडी
अस्पताल के चिकित्सकों की माने तो शनिवार को हाफ-डे और रविवार की छुट्टी होने पर सोमवार को सिविल अस्पताल में मरीजों का दबाव अधिक रहता है। सोमवार के दिन जहां पर्ची कटाने वाले काउंटर पर भीड़ रहती है। वहीं ओपीडी पर रहने वाले हर डॉक्टर के पास सैकड़ों की संख्या में मरीज आते है। इधर सोमवार को ही मेडिकल के लिए सभी जेबीटी भी एक साथ ही अस्पताल में पहुंच गए। जिससे अस्पताल में अव्यवस्था का माहौल हो गया।

पत्नी लाइन में, तो पति ने संभाले बच्चें  
नवनियुक्त महिला जेबीटी अपने बच्चों व पति को साथ लेकर सिविल अस्पताल पहुंची। मेडिकल के लिए जहां महिला जेबीटी लाइन में लगीं, वहीं उनके पति बच्चों को संभालने नजर आए। कुछ पतियों के हाथों में दूध की बोतल और गोद में बच्चे थे। जो बच्चों को संभालने में लगे हुए थे।
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सोमवार को एक साथ ही सभी जेबीटी मेडिकल के लिए अस्पताल पहुंच गए। जिससे उनके मेडिकल होने में कुछ दिक्कत सामने आई। जेबीटी के जो फार्म उनके पास आए है। उन्हें शॉर्ट लिस्ट किया गया है। अब सभी को अलग अलग डेट पर मेडिकल के लिए बुलाया गया है। किसी भी जेबीटी या मरीज को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
डा. विजय दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल यमुनानगर।
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