यमुनानगर। हरियाणा रोडवेज के यमुनानगर डिपो के कोटे की 80 में से पहली खेप की तीन से पांच इलेक्ट्रिक एसी बसों के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। पहले ये बसें अगस्त में आनी थी, पर अभी जगाधरी में इन बसों को खड़े करने की व्यवस्था से लेकर इनकी वर्कशॉप व चार्जिंग प्वाइंट बनाने जैसी औपचारिकताएं पूरी हो रही हैं। इसके चलते ये बसें अक्टूबर में आने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार इलेक्ट्रिक एसी बसें भी अन्य बसों की तरह यमुनानगर बस स्टैंड से संचालित होंगी, पर इन्हें खाली समय में खड़े करने के लिए जगाधरी बस स्टैंड को चिह्नित किया गया है। बसों की रिपेयरिंग के लिए वर्कशॉप व इनके रूटों पर एक निर्धारित दूरी पर चार्जिंग प्वाइंट बनाने की योजना है। इसके सिरे चढ़ने पर दिवाली तक यह बसें सिटी सहित जिले के लोकल व आसपास के अंबाला, कुरुक्षेत्र व करनाल रूटों पर दौड़ती दिखेंगी। बता दें कि यमुनानगर डिपो के लिए 80 इलेक्ट्रिक बसें मंजूर हैं। इनमें एसी व नॉन ऐसी दोनों तरह की बसें शामिल हैं। फिलहाल डिपो के कोटे की 80 में से 50 बसों की डिमांड मुख्यालय भेजी गई थी।
एक बार चार्ज करने पर 200 किमी. सफर-
ये इलेक्ट्रिक एसी बसें दो तरह की होंगी। एक बस की लंबाई नौ मीटर और दूसरी की 12 मीटर होगी। नौ मीटर वाली बस में करीब 35 और 12 मीटर वाली बस में 50 से 52 सीटें होंगी। एक बार बैटरी चार्ज होने पर बस 200 किमी का सफर तय करेगी। इन बसों का संचालन सिटी बस सर्विस के लिए नगर निगम के सहयोग से करने की योजना है। इनमें एसी बसों में किराया अधिक व नॉन एसी इलेक्ट्रिक बसों में किराया सामान्य बसों के बराबर रह सकता है।
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वायु प्रदूषण में आएगी कमी
अभी जिले में करीब छह हजार ऑटो हैं। शहर सहित ग्रामीण इलाकों में भी अधिकांश लोग इनके सहारे गंतव्य तक पहुंचते हैं। इस कारण इन ऑटो में हर दिन खूब डीजल खप रहा है। जिससे वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है, क्योंकि काफी ऑटो पुराने हैं। सालभर में ऑटो का दूसरा विकल्प बनकर सड़कों पर ई-रिक्शा बढ़ते चले जा रहे हैं, वहीं अब इलेक्ट्रिक एसी बसे आने से भी वायु प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।
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वर्जन-
अभी डिपो पर इलेक्ट्रिक एसी बसें नहीं आई हैं। इनके अगले माह अक्टूबर में आने की उम्मीद है। इसके लिए डिपो स्तर पर औपचारिकताएं पूरी हो रही हैं।
- भीम सिंह, ड्यूटी इंस्पेक्टर, यमुनानगर डिपो (हरियाणा रोडवेज)।