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नया कर न लगाना बजट में रही राहत भरी बात

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बजट से जहां सभी वर्ग इसे निराश करने वाला बता दे रहे हैं, जबकि विशेषज्ञ इसे सही भी बता रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बजट की यह बात राहत भरी रही कि कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। हर बार बजट में कोई न कोई नया कर लग जाता था। इस बार ऐसा नहीं हुआ है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें कोई नया प्रावधान नहीं किया गया, लेकिन अतिरिक्त बोझ भी नहीं दिया गया है। आईटीआर में गड़बड़ी ठीक करने का प्रावधान स्वागत योग्य है। इससे लोगों को विभाग की परेशानियों व जुर्माने से छुटकारा मिलेगा। इस बजट को लेकर विशेषज्ञ मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है।
कोरोना संक्रमण के कारण आई मंदी व महंगाई से हर वर्ग राहत चाहता है। इस बजट से सभी को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार का पिटारा खुलते ही सभी आशाएं धराशायी हो गई। आयकर की सीमा नहीं बढ़ाई गई और न ही धारा 80सी में बदलाव किया गया है। वहीं स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र में भी कोई विशेष नहीं किया गया। जबकि इन क्षेत्र में विशेष राहत चाहिए थी। सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी पर 30 प्रतिशत कर लगाया है, जबकि यह केवल आंकड़ों की रिपैकिंग है। महंगाई पर अंकुश लगाने की जरूरत थी, लेकिन इस बजट के बाद महंगाई बढ़ना निश्चित है।
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- प्रदीप कोहली, कर सलाहकार।
आयकर में छूट की उम्मीद थी, लेकिन यह नहीं मिली। परंतु सरकार ने आयकर भी नहीं बढ़ाया है। क्रिप्टोकरेंसी पर 30 प्रतिशत कर लगाना सही है। यह एक प्रकार का जुआ है, जिससे लोगों पर गलत असर पड़ रहा है। इस कर से लोगों को इससे काफी हद तक राहत मिलेगी। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना में किया गया प्रावधान भी लोगों को लाभ देगा। कुल मिलाकर यह बजट अच्छा नहीं रहा तो बुरा भी नहीं रहा।
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- विशाल भाटिया, सीए।
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