मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का शनिवार को जिले में दौरा है। इस दौरान हुड्डा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे, लेकिन पार्टी की गुटबाजी के आगे यह जोश फीका पड़ सकता है।
सैलजा गुट के नेता सीएम के दौरे का बहिष्कार करने के संकेत दे चुके हैं। अब देखना यह होगा कि सीएम खेमे से जिले के वरिष्ठ नेता कितनी संख्या में कार्यकर्ता सम्मेलन में भीड़ जुटा पाते हैं। इसके लिए शुक्रवार को ही सम्मेलन स्थल पर कई नेता कमान संभाले तैयारियां पूरी करने में सुबह से शाम तक डटे नजर आए।
उधर, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर मोर्चा संभाले दिखाई दिए।
सम्मेलन स्थल पर लगा तंबू, सजी कुर्सियां
प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं ने सीएम के स्वागत के साथ कार्यकर्ता सम्मेलन की तैयारियां एक दिन पहले ही पूरी कर लीं। सम्मेलन स्थल पर जहां सफेद रंग का टेंट और कुर्सियां सजी दिखाई दी। वहीं, सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं को गर्मी में परेशानी न हो, इसके लिए पंखे और पानी के कैंपरों का बंदोबस्त किया गया है।
इसी प्रकार प्रशासन की ओर से हुडा सेक्टर-17 के जिमखाना क्लब में सीएम की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए रंग-रोगन और फर्नीचर को दुरुस्त कर दिया गया। सेक्टर-17 से लघु सचिवालय और कोर्ट रोड को जाने वाली सड़कों के बीच सफेद पट्टी लगाने के साथ डिवाइडर के इर्द-गिर्द जमा मिट्टी व गंदगी को भी हटाया गया।
कांग्रेस के इकलौते विधायक दे चुके बहिष्कार के संकेत
जिले के कांग्रेस पार्टी के इकलौते विधायक राजपाल भूखड़ी को कार्यकर्ता सम्मेलन के लिए निमंत्रण नहीं मिला। इस पर साढौरा हलका से विधायक भूखड़ी ने वीरवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीएम के सात जून के कार्यक्रम का बहिष्कार करने का संकेत दिया था। इसके अलावा जिले के अन्य सैलजा समर्थकों द्वारा भी सम्मेलन का बहिष्कार करने के आसार हैं। एक जून को जिमखाना क्लब में कांग्रेस पार्टी से नवनियुक्त जिला ऑर्ब्जवर तथा पूर्व सांसद कैलाशो सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी कार्यकर्ता एक -दूसरे में तंज कसते नजर आए थे और तब नौबत खींचतान तक पहुंच गई थी।