शहर के बीच बने यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं। जिससे रेलवे को अच्छा खासा राजस्व प्राप्त होता है। यात्रियों की संख्या और कमाई के चलते यमुनानगर जगाधरी स्टेशन रेलवे की ए ग्रेड की श्रेणी में शामिल है। परंतु इस ए ग्रेड स्टेशन पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस ए ग्रेड स्टेशन पर यात्रियों को चाय के अलावा खान पान में सिर्फ पकौड़े मिलते हैं। यहां आने वाले यात्रियों को खानपान के लिए भटकना पड़ता है, दिन में तो बाजार खुला होता है, लेकिन रात में यात्रियों को भूखा रहना पड़ता है। ए ग्रेड होने के बावजूद न तो स्टेशन का विस्तार हुआ और न ही यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई। स्टेशन पर आज भी दशकों पुरानी सुविधाएं हैं, जबकि जिले की आबादी पहले से कई गुणा बढ़ चुकी है। यही नहीं जब कभी रेलवे बड़ौदा हाउस से जीएम का निरीक्षण होता है, तो सुविधाएं बढ़ाने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं होती। स्टेशन पर सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे अधिकारी स्टेशनों को हाईटेक व आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की बात कर रहे हैं। लेकिन यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन पर दशकों पुरानी ही सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह सुविधाएं तक अंग्रेजों के समय उपलब्ध करवाई गई थी। उस समय यमुनानगर जिला नहीं था और न ही आबादी इतनी ज्यादा थी। अब यमुनानगर जिला है और आबादी करीब 15 लाख है। विश्व स्तरीय प्लाईवुड व स्टील बर्तन का काम होने के कारण यहां पर देश के हर कोने से लोग आकर काम करते हैं। हर दिन करीब 7 से 10 हजार लोग यहां से ट्रेन में सफर करते हैं और तीन दर्जन गाड़ियां रुकती हैं। आबादी व कमाई में लगातार वृद्धि हो रही है। वहीं स्टेशन पर जन सुविधाओं में वृद्धि होने के बजाए इसमें कमी हुई है। पहले स्टेशन परिसर में बाहर भोजनालय, रिफ्रेशमेंट व चाय नाश्ता के स्टाल थे। करीब साल पहले बंद कर दिए गए।
शौचालय के लिए जाना होता है बाहर
स्टेशन पर केवल ही शौचालय है और यह बुकिंग कार्यालय के पास सामान्य श्रेणी के प्रतिक्षालय में बना हुआ है। जबकि प्लेटफार्म पर शौचालय नहीं है। स्टेशन पर सभी ट्रेनें दो और तीन नंबर प्लेटफार्म पर आती हैं। ऐसे में यात्रियों को शौचालय जाने के लिए सैकड़ों मीटर चलकर बाहर आना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी महिला, बुजुर्गों व बीमार यात्रियों को होती है। एक से दूसरे प्लेटफार्म जाने के लिए केवल सीढ़ियां हैं। जबकि एस्केलेटर होने की बात निरीक्षण के दौरान उत्तर रेलवे के जीएम आशुतोष गंगल कह चुके हैं। वहीं यहां पेड पार्किंग है, ट्रेन की पूछताछ करने वाले को भी दो मिनट के लिए दस रुपये देने पड़ते हैं। अन्य स्टेशनों की तरह निशुल्क पार्किंग नहीं है। पीने के पानी की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। लोगों को बोतल का ही सहारा है। यहां पर वातानुकूलित यात्रियों के लिए प्रतिक्षालय बना हुआ है, जिसमें सिर्फ एक पंखा लगा हुआ है।
सभी स्टेशनों पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए रेलवे लगातार काम कर रही है। यात्रियों की मांग पर ट्रेनों का संचालन भी किया जा रहा है। यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन पर भी समयानुसार सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। इसके लिए स्टेशन का निरीक्षण किया जाएगा। सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
मनदीप सिंह भाटिया, मंडल रेलवे प्रबंधक।