स्पैट का पहला चरण मंगलवार से शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक स्कूल के पीटीआई और टीपीआई को इस बात की जानकारी नहीं है कि उन्हें बच्चों का टेस्ट लेना है।
जब इस बारे में कई सरकारी स्कूलों के पीटीआई और टीपीआई से बात की गई, तो उनका कहना था कि यह काम तो खेल विभाग का है। विभाग की ओर से टेस्ट लिया जाएगा। हमें कोई सूचना नहीं दी गई है कि स्कूल के पीटीआई और डीपीआई ही स्पैट टेस्ट लेंगे।
सेमेस्टर में जुटे हैं बच्चे तो कैसे होगा स्पैट
27 सितंबर से 10वीं की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। 10वीं के बच्चे इन दिनों परीक्षाओं में व्यस्त हैं। वहीं, 12वीं की परीक्षाएं 15 अक्टूबर से शुरू होंगी। बच्चे घर पर ही परीक्षाओं की तैयारी में जुटें हैं। वहीं, अन्य क्लास के विद्यार्थियों की भी इन दिनों परीक्षाएं चल रही हैं।
इससे स्पैट टेस्ट मेें परीक्षाएं भी अड़चन एक अड़चन है। अक्टूबर माह में ही स्पैट का प्रथम चरण पूरा करना जरूरी भी है, जबकि अक्टूबर माह में बच्चे और टीचर परीक्षाओं में व्यस्त रहेंगे।
योजना में इस बार बदलाव किया गया था
पिछले कई वर्षों से स्पैट की पूरी जिम्मेदारी खेल विभाग के कंधों पर हुआ करती थी, लेकिन योजना को धरातल नहीं मिल पा रहा था। जिसको देखते हुए इस बार निर्णय लिया गया है कि स्पैट के प्रथम चरण की जिम्मेदारी स्कूल स्तर शिक्षा विभाग की होगी।
शिक्षा विभाग के डीपीआई या पीटीआई बच्चों के स्कूलों में टेस्ट लेंगे। लेकिन फिलहाल यह बदलाव भी सिरे चढ़ती नहीं दिख रही है।
पहले चरण में तीन खेल होंगे
वैसे तो दूसरी चरण में छह और तीसरे चरण में सात खेल होते हैं, लेकिन पहले चरण में बच्चों की फिटनेस जानने के लिए तीन ही खेल कराए जाते हैं।
जिसमें 30 मीटर फलाइंग रेस, स्टेंड ब्रांड जंप और 6/10 स्टल रनिंग रेस होती है। इस बार विभाग की ओर से रजिस्ट्रेशन की योजना को पहले ही रद्द कर दिया है।