संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। शहर की अनाजमंडी में धान का उठान नहीं होने से फड़ पर कट्टों के चट्टे लग गए हैं। इससे किसानों को अपनी धान की फसल डालने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। खरीद शुरू होने के बावजूद उठान की समुचित व्यवस्था नहीं होने से किसान और आढ़ती परेशान हैं।
किसानों के अनुसार 29 सितंबर से मंडी में धान की खरीद शुरू हुई थी। छह दिन बीत जाने के बाद भी एक भी कट्टे का उठान नहीं हुआ है। मंडी में करीब डेढ़ लाख से अधिक धान के कट्टे फड़ पर पड़े हैं। इससे मंडी में नई फसल लेकर पहुंच रहे किसानों को परेशानी हो रही है। फड़ पर जगह नहीं होने के कारण उन्हें अपनी ट्रालियां खाली कराने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
किसानों रमेश, सुरेश, कर्ण, मोहनलाल, योगेश, सतीश और देवेंद्र ने बताया कि छह दिन पहले जिन किसानों ने अपनी धान की फसल बेच दी थी, उन्हें अभी तक भुगतान नहीं मिला है। उनका कहना है कि उठान होने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ऐसे में किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक ओर फसल रखने की जगह नहीं मिल रही, वहीं दूसरी ओर भुगतान भी अटका हुआ है।
भारतीय किसान यूनियन के जिला युवा अध्यक्ष संदीप टोपरा ने आरोप लगाया कि सरकार ने धान की खरीद शुरू कर दी, लेकिन उठान की व्यवस्था नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द उठान शुरू नहीं हुआ तो किसान सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। कांग्रेस के हल्का प्रधान गुलजार नंबरदार भागू माजरा ने भी सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने मंडियों से जल्द धान उठवाकर किसानों को समय पर भुगतान कराने की मांग की।
एक-दो दिन में शुरू होगा उठान : संदीप कांबोज
मार्केट कमेटी के सचिव संदीप कांबोज ने बताया कि सेलर संचालकों की ओर से खरीद एजेंसियों के पास पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। एक-दो दिन में मंडी से धान के कट्टों का उठान शुरू करवा दिया जाएगा।