संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नकुड़ के रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर विशाल ने जिले के तेलीपुरा गांव की अर्षा के साथ बिना दहेज की शादी की है। उन्होंने केवल दहेज नहीं लिया बल्कि शादी में न तो डीजे बजा और न ही बरात में मेहमानों की भीड़ भाड़ थी। वह केवल परिवार के साथ आए और अर्षा को अपनी जीवन संगिनी बनाकर साथ ले गए।
तेलीपुरा गांव निवासी सतीश गुर्जर ने बताया कि वह ईस्माइलपुर स्थित को-ऑप्रेटिव बैंक में क्लर्क है। इसके अलावा खेती भी करते हैं। उसकी बेटी अर्षा एमए इकोनोमिक्स पास है। काफी समय से वह बेटे के लिए अच्छे वर की तलाश में थे। इसी दौरान नकुड़ से विशाल का रिश्ता उनकी बेटी के लिए आया। विशाल सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।
उन्होंने जांच-पड़ताल की और शादी के लिए बात आगे बढ़ाई। रिश्ता तय करने से पहले ही विशाल ने शर्त रख दी कि वह शादी में दहेज बिल्कुल भी नहीं लेंगे। साथ ही शादी में कोई धूम धड़ाका नहीं होगा। शादी में भी केवल परिवार के सदस्य ही आएंगे। वह दो जोड़े में दुल्हन को शादी करके ले जाएंगे। यहां तक की शादी में दुल्हन के जेवर तक नहीं लिए। यह शादी बहुत ही साधारण तरीके से हुई।
ये अच्छी पहल : अंजू
उत्थान संस्थान की निदेशिका डॉ. अंजू बाजपेयी का कहना है कि यह एक अच्छी पहल है। अर्षा व विशाल की शादी से दूसरों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। क्योंकि आज माहौल ऐसा बन गया है जहां पर लड़कियों को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है। शादी में कभी गहने कम देने, मनपसंद बाइक या गाड़ी नहीं मिलने तथा अन्य कारणों को लेकर झगड़े हो रहे हैं। इन्हें रोकने का यही तरीका है कि सभी खुद से एक अच्छी पहल करें। शादी सामान्य तरीके से होनी चाहिए, कोई दिखावा न हो।