व्यासपुर। आजादी के 78 साल बाद भी कई गांवों को रोडवेज बस की सुविधा नहीं मिली है। आज भी लोग रेहड़े, पैदल व निजी वाहनों में सफर करने पर मजबूर हैं। हम बात कर रहे हैं व्यासपुर से थाना छप्पर जाने वाले मार्ग की। यहां कस्बे से दो सड़कें थाना छप्पर जाती हैं, एक मार्ग वाया पाबनी कलां तो दूसरी वाया चाहड़वाला। रोडवेज बस सेवा एक पर भी नहीं।
लगभग 20 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर अरसे से ग्रामीणों को बस सुविधा का इंतजार है। रोडवेज विभाग इस ओर से बिल्कुल विमुख होकर बैठा है। इस मार्ग पर पड़ने वाले दो दर्जन गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों को बिलासपुर न्यायालय परिसर व एसडीएम कार्यालय में अपने सरकारी कार्य के लिए वाया जगाधरी-साढौरा से 30 किलोमीटर का अतिरिक्त लंबा चक्कर काट कर सफर करने पर मजबूर हैं।
व्यासपुर से थाना छप्पर के बीच ककड़ौनी, रसूलपुर, मारवाखुर्द, मखौर, ज्ञानेवाला, शेखपुरा, पाबनी कलां, नगला जगीर, तलाकौर, उधमगढ़, चाहड़वाला, जागधौली, कलावड़, महेश्र्वरी व कुलचंदु है। स्कूली बच्चे पैदल या साइकिल से स्कूल पहुंचते हैं। ग्रामीणों को शहर जाने के लिए निजी वाहनों व अतिरिक्त किराया खर्च कर थ्री व्हीलर व अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ता है।
गगन ,संजीव कुमार, अशोक कुमार, मुकेश कुमार का कहना है कि उनके गांव से थाना छप्पर लगभग आठ किलोमीटर है। इस मार्ग पर बस सुविधा न होने से क्षेत्रवासी काफी परेशान है। मुसिंबल गांव के अशोक दुआ का कहना है कि इन दो कस्बों के बीच सरकार ने करोड़ों रुपए की लागत से दो सड़कें बना रखी है। लेकिन किसी पर भी बस सुविधा नहीं। एक मार्ग वाया पाबनी कलां तो दूसरा वाया चाहड़वाला है। संवाद
कार्यलयों में पहुंचने में होती देरी
प्रदीप नेहरा का कहना है इस मार्ग पर दो दर्जन से अधिक गांव आते हैं। रोजाना सैकड़ों ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए व्यासपुर लघु सचिवालय आते हैं, लेकिन बस सेवा न होने के कारण ग्रामीणों को कार्यालय में पहुंचने में देरी हो जाती है। ग्रामीण निजी संसाधनों से कार्यालय पहुंचते हैं जिसके कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
महिलाएं व विद्यार्थी हो रहे परेशान
राजेश कुमार का कहना है कि इस मार्ग पर बस सेवा न होने के कारण सबसे अधिक परेशानी महिला व शिक्षण संस्थान में जाने वाले विद्यार्थियों को हो रही है। लड़कियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए निजी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।बस सेवा को लेकर अनेक बार जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है लेकिन आज तक बस सेवा को शुरू नहीं किया गया।
यह मार्ग मुख्य रूट से हटकर है। यहां से कभी बस सेवा की मांग नहीं आई। पाबनी से बस वाया होकर जाती है। - संजय रावल, महाप्रबंधक, रोडवेज यमुनानगर।
अधिवक्ता प्रदीप नेहरा
अधिवक्ता प्रदीप नेहरा