हत्या का प्रयास करने व लूट मामले में अदालत ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री निर्मल सिंह समेत छह आरोपियों को बरी कर दिया। बताया जा रहा है कि सबूतों के अभाव में कोर्ट ने पूर्व मंत्री व अन्य आरोपियों को निर्दोष करार देते हुए बरी किया। करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई के बाद एडीजे की कोर्ट ने फैसला सुनाया।
दरअसल बेलगढ़ में कांग्रेस के पूर्व मंत्री निर्मल सिंह की कृषि योग्य भूमि है। गत 24 अप्रैल 2018 को मंडौली निवासी कर्ण सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह दोपहर के वक्त बेलगढ़ के माइनिंग जोन में रास्ता ठीक कर रहा था। इस दौरान पूर्व मंत्री निर्मल सिंह और उनके साथियों आधा दर्जन साथियों ने जेसीबी मशीन से रास्ता ठीक कर रहे युवक व उनपर गोली चला दी। इस दौरान आरोपियों ने उनसे रास्ता ठीक करने वाला सामान लूटने का प्रयास किया। उन्होंने किसी तरह मौके से भाग कर जान बचाई। पुलिस ने उस वक्त कर्ण सिंह की शिकायत पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री निर्मल सिंह व उसके पांच अन्य साथियों के खिलाफ हत्या का प्रयास करने व लूट करने के आरोप में मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया था। मामले की सुनवाई एडीजे की अदालत में चली। सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने बुधवार को निर्मल सिंह व उसके अन्य पांच साथियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
कानून पर था पूरा विश्वास : कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि उन्हें राजनैतिक द्वेष भावना से मामले में फंसाया गया था। मगर उन्हें कानून पर पूरा विश्वास था। अदालत ने उन्हें न्याय दिया है। अदालत के इस फैसले का वह पूरा सम्मान करते हैं।