संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एनएचएम कर्मचारियों ने सोमवार को स्वास्थ्य कर्मचारी संघ (भारतीय मजदूर संघ) के बैनर तले काली पट्टी बांधकर रोष प्रदर्शन किया। साथ ही सरकार पर मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय कांबोज ने कहा कि कई वर्षों से सरकार व विभाग एनएचएम कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रहे हैं। वर्ष 2021 में पूर्व मुख्यमंत्री ने कोरोना काल के दौरान किए कार्य को देखते हुए एनएचएम कर्मचारियों के लिए सातवें वेतनमान आयोग की सिफारिशें लागू करने की मंजूरी दी थी।
विभागीय अधिकारी किसी न किसी प्रकार की आपत्तियां लगाकर मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू नहीं कर रहे हैं। जब भी एनएचएम कर्मचारी मांगों को लेकर सरकार व अधिकारियों से बात करते हैं तो संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। जबकि भारत सरकार द्वारा कई बार पत्राचार से एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में समायोजित करने के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिया है।
इसी संदर्भ में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा जारी पत्र के तहत वर्ष 2022 में मणिपुर राज्य में एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करने का कार्य किया गया है। इससे जुड़े सभी दस्तावेज स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की ओर से मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री व विभाग के अधिकारियों को प्रस्तुत किए हैं। पत्र की अनुपालना हरियाणा राज्य में आज भी लंबित है। सरकार के साथ एनएचएम कर्मचारियों के आयुष्मान कार्ड बनाने पर सहमति बनी, जिसका डाटा सभी जिलों से चला गया।
इसके बाद अधिकारी फाइल दबाकर बैठ गए। इससे बहुत से एनएचएम कर्मचारियों को लाभ होना था, उसे रोक दिया गया। सातवां वेतन मान घोषणा के बाद भी लागू नहीं हुआ। यदि सरकार ने जल्द मांगों को पूरा नहीं किया तो कर्मचारियों को आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।