संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मांगे पूरी न होने पर एनएचएम कर्मचारियों में सरकार के प्रति गहरा रोष है। मंगलवार को कर्मचारियों ने रोष प्रकट करते हुए मांगों से संबंधित पर्चे बाजार में दुकानदारों को बांटे और भीख मांगी। एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान अमित गुर्जर ने बताया कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती। तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
जिला प्रधान गुर्जर ने बताया कि एनएचएम कर्मचारियों की मांग है कि सातवें वेतन आयोग का लाभ प्रदान करने की सैद्धांतिक मंजूरी दो नवंबर 2021 सरकार द्वारा प्रदान दी गई है लेकिन वित्त विभाग द्वारा इस समेकित किए जाने के बारे में तुगलकी फरमान जारी किए गए हैं। उन उन आदेशों को निरस्त कर कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए।
वर्ष 2017 से 2022 तक एनएचएम कर्मचारियों द्वारा किए गए आंदोलन- हड़ताल की अवधि का वेतन ड्यूटी अवधि मानते हुए स्वास्थ्य विभाग के अन्य संगठनों की भांति जारी किया जाए। एनएचएम कर्मचारियों को नियमित किया जाए। नियमित किए जाने तक एलटीसी, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश, शीशु देखभाल अवकाश, अनुकंपा सहायता व हरियाणा सिविल सर्विस रूल 2016 लागू करते हुए सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। कर्मचारियों को कैशलैस मेडिकल सुविधा का लाभ प्रदान की जाए।
कर्मचारियों के सेवा नियमों मे बहुत से वर्गों की वेतनमान में विसंगति को दूर किया जाए। एनएचएम के तहत लगे चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु हरियाणा सरकार के नियमानुसार 60 वर्ष की जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर के एसओपी को लागू किया जाए। बांड प्रथा को समाप्त किया जाए।