फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: अगले साल फिर जिले में होगी हरियाली

विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। इस बार की तरह वर्ष 2025 में जिले की धरती पर खूब हरियाली ही हरियाली होगी। अगले वर्ष आठ लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग की 18 नर्सरियों में 84 प्रजातियों के पौधे तैयार किए जाएंगे। इनसे जिले की 769.313 हेक्टेयर से अधिक भूमि हरियाली से खिल उठेगी।
विज्ञापन

इसके अलावा जो पौधे सूख कर टूट गए उनकी जगह पर भी पौधरोपण किया जाएगा। अगले वर्ष जुलाई, अगस्त और सितंबर मानसून सीजन की शुरूआत में ही पौधरोपण का कार्य शुरू किया जाएगा।
बता दें वन विभाग की जिले में 18 नर्सरियां हैं जिनमें 84 प्रकार की प्रजातियों के पौधों की पौध तैयार की जाएगी। इनमें नीम, बरगद, पीपल, पिलखन, कट सागवान, पपरी, कुसुम, चौकरसिया, मोलसिरी, बाकेन, बहेरा, शीशम, सफेदा, पोपुलर, रोहेरा, तून, टीक, सिबल, अर्जुन, खैर, कीकर, डैंक, जंगल जलेबी, खैरी, फ्रांश, गुलमोर, सिल्वर ओक, आम, जामुन, अमरूद, अनार, ईमली व पपीता आदि प्रजातियों पेड़ शामिल हैं।
विज्ञापन

गांव की बजाय शहर में कम होती जा रही हरियाली
बता दें ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादातर पेड़ सड़क किनारे, खेतों या फिर गांव के भीतर मिलते है। लेकिन शहरी क्षेत्र में हरियाली का कम होने का कारण पेड़ों को काट कर तेजी से इमारतों का खड़ा करना भी है। जबकि दूसरी तरफ हरियाणा एनवायरमेंटल सोसायटी (एचईएस) के संस्थापक ग्रीनमैन प्रोफेसर एसएल सैनी का कहना है। वे 32 साल से पौधरोपण करने का कार्य करते आ रहे हैं।
उनके प्रयास से शहर में लगभग तीन लाख के पेड़ लगे हैं। इस समय लोगों पर्यावरण के प्रति जागरूक होने की बहुत आवश्यकता है। हर घर में एक पेड़ लगा होना अति आवश्यक है। बता दें हर साल विभाग की तरफ से पौधरोपण का कार्य किया जाता है, यह पौधे स्कूलों, गांवों व संस्थाओं में मुफ्त वितरित किए जाते हैं।

वर्जन
विभाग की तरफ से हर साल पौधरोपण का कार्य किया जाता है, अगले साल आठ लाख से अधिक पौधे रोपण का प्रयास रहेगा। जुलाई, अगस्त व सितंबर माह में पौधरोपण का कार्य शुरू किया जाता है। जिले की हरियाली को बनाए रखने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है।
विज्ञापन

-विरेंद्र सिंह गिल, आईएफएस, वन विभाग।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें