जाट आंदोलन के दौरान प्रदेश में हुई हिंसा व आगजनी के विरोध में शनिवार को विभिन्न संगठनों व समुदाय के सैकड़ों लोगों ने रोष मार्च निकाला। इस दौरान सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। फव्वारा चौक (शहीद भगत सिंह चौक) से शुरू हुआ रोष मार्च लघु सचिवालय तक जाना था, लेकिन जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर मधु चौक पर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन ले लिया।
प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत सुबह 10 बजे विभिन्न संगठनों व समुदाय के लोग फव्वारा चौक (शहीद भगत सिंह चौक) पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने जाट आंदोलन के दौरान हिंसा व आगजनी करने वालों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुरक्षा के मद्देनजर चौक पर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। करीब आधे घंटे तक चौक पर प्रदर्शन के दौरान सभी नारेबाजी करते हुए पैदल लघु सचिवालय की ओर बढ़े।
प्रदर्शनकारी जगाधरी रोड से होते हुए प्यारा चौक पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार दर्शन कुमार ने चौक पर पहुंचकर वहीं पर ज्ञापन देने को कहा, लेकिन प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकालने पर अड़ गए। इसके बाद रोष मार्च मधु चौक तक गया। यहां पहुंचने पर पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझा कर उन्हें वहीं पर ज्ञापन देने के लिए राजी कर लिया। तहसीलदार दर्शन कुमार ने यहां आकर ज्ञापन लिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने रोष मार्च समाप्त कर दिया।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई व पीड़ितों को मुआवजा दे सरकार
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि हिंसा, आगजनी व बलात्कार के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही अपनी ड्यूटी सही तरीके से न निभाने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई। वहीं जाट आंदोलन के दौरान मारे गए दूसरे समुदाय के बेकसूर व्यक्तियों के परिजनों को मुआवजा व सरकारी नौकरी देेने की मांग की गई।
बनी रही जाम की स्थिति
फव्वारा चौक (शहीद भगत सिंह चौक) पर प्रदर्शन के दौरान करीब पौन घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस कर्मचारियों ने वाहनों को डाइवर्ट किया। रोष मार्च शुरू होने के बाद जगाधरी रोड पर वाहन रेंगते नजर आए। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों ने डिवाइडर के दूसरी तरफ से वाहनों को निकलवाया। रोष मार्च के दौरान फव्वारा चौक से मधु चौक तक यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।