प्रोफेसर कॉलोनी से गुजर रहे नाले को डाइवर्ट करने पर पाश कॉलोनियों के लोगों में तकरार शुरू हो गई है। बुधवार को प्रोफेसर कॉलोनी के करीब 70 लोग विधायक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नाले का निर्माण शुरू करने की मांग की, किंतु विधायक ने उन्हेें बजट आने पर निर्माण कराने की बात कही।
इस पर भड़के कॉलोनीवासियों ने कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर हंगामा किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर नाले का निर्माण शुरू नहीं किया गया तो वे सड़क पर जाम लगा देंगे। बता दें कि सप्ताह पूर्व डिप्टी मेयर व महिला पार्षद ने कॉलोनी के लोगों के साथ मिलकर इस नाले का निर्माण रुकवा दिया था।
नाले निर्माण रोकने पर गुस्साए प्रोफेसर कॉलोनी के करीब 65-70 पुरुष व महिलाएं बुधवार सुबह प्रोफेसर कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जीडी भारद्वाज केे नेतृत्व में यमुनानगर विधायक घनश्याम दास आरोड़ा के कार्यालय पर पहुंचे। कॉलोनीवासियों ने विधायक के समक्ष दुखड़ा रोया।
उन्होंने कहा कि जगाधरी से आ रहे नाले का पानी प्रोफेसर कॉलोनी से डाइवर्ट करने के लिए जो नाला नेशनल हाईवे से होकर बनाया जा रहा है, कुछ दिन पहले उसका निर्माण शुरू किया गया था। लेकिन डिप्टी स्पीकर व पार्षद संगीता सिंघल ने नाले का निर्माण रुकवा दिया। डाइवर्ट नाले का निर्माण रुकने से बरसाती सीजन में प्रोफेसर कॉलोनी के घर डूबने का संकट मंडराने लगा है। उन्होंने कहा कि यदि नाले का निर्माण शुरू नहीं किया गया तो कॉलोनी फिर से जलमग्र होगी। उन्होंने नाले का निर्माण शुरू करने की मांग की। विधायक ने उन्हें आश्वासन दिया कि जगाधरी में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रोजेक्ट है। बजट आने पर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा।
जगाधरी का पानी उधर शिफ्ट होने के बाद डाइवर्ट नाले का काम पूरा करवा दिया जाएगा। आश्वासन से संतुष्ट न होने पर कॉलोनी के लोगों ने कार्यालय से बाहर आकर जमकर प्रदर्शन किया। वहीं उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिन में डाइवर्ट नाले के पाइप वेयर हाउस के गोदाम से सटे नाले में ना जोड़े गए तो वे सड़क जाम करेंगे।
दो घंटे तक डटे रहे लोग
कॉलोनी के लोग सुबह साढ़े 10 बजे विधायक कार्यालय पर पहुंच गए। जो यहां दोपहर करीब साढ़े 12 बजे तक डटे रहे। इस दौरान कई बार हंगामे के आसार रहे। काफी बहस बाजी भी हुई। कुछ लोग समझाने में लगे रहे तो कुछ मनाने में। कॉलोनी के लोगों ने यहां पार्षद संगीता सिंघल को भी आड़े हाथों लिया।
चार करोड़ डूबे तो कौन जिम्मेवार
प्रोफेसर कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जीबी गुप्ता, बृजपाल राणा, रमेश कुमार टिंकू, एसके खुल्लर, विपिन भल्ला, निधि, मीनाक्षी, हरीश, सरीता, डोली आदि ने बताया कि प्रोफेसर कॉलोनी में पानी की समस्या के समाधान के लिए सरकार ने जगाधरी से आने वाले पानी का डाइवर्ट के लिए चार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया हुआ है। लेकिन कुछ लोग प्रोजेक्ट को पूरा नहीं होने दे रहे। नाले का पानी चाहे कॉलोनी के बीच से आए चाहे डाइवर्ट होकर। पानी तो उतना ही रहेगा। जो समस्या होनी है वो तो रहेगी। ऐसे में प्रोजेक्ट पर लगाए गए चार करोड़ रुपये डूबने की बात होगी।
वर्जन ::::::::
कुछ दिन पहले लाजपत नगर के लोगों ने नाले को डाइवर्ट करने का काम रुकवाया था। वहीं आज प्रोफेसर कॉलोनी के लोगों ने अपनी समस्या रखी। वे जनता के प्रतिनिधि है। लाजपत नगर और प्रोफेसर कॉलोनी के लोगों की समस्या का समाधान कराने के लिए इंजीनियर से मौके का मुआयना कर समाधान करवाया जाएगा। जगाधरी के पानी के लिए वहीं ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का भी प्रोजेक्ट है।
घनश्याम दास अरोड़ा, विधायक, यमुनानगर।