प्रदेश सरकार की निजीकरण की नीतियों के खिलाफ रोडवेज कर्मी एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। इसके लिए रोडवेज कर्मी 20 जनवरी को यमुनानगर में बैठक कर हुंकार भरेंगे। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने प्रदेश सरकार द्वारा परिवहन विभाग को निजी हाथों में सौंपने के जनविरोधी निर्णय, प्राइवेट बसें व चालक ठेके पर लेने की प्रक्रिया के विरोध में रोडवेज की सभी यूनियनों की संयुक्त बैठक बुलाई है। जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। मीटिंग 20 जनवरी को सुबह 11 बजे प्रस्तावित की गई है।
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के वरिष्ठ सदस्य दलबीर किरमारा व हरिनारायण शर्मा ने बताया कि वर्तमान में हरियाणा सरकार जिस तरह प्राइवेट बसें व चालक ठेके पर लेकर जो प्रक्रिया चला रही है, उससे रोडवेज कर्मचारियों व विभाग का अस्तित्व ही खतरे में पड़ता नजर आ रहा है।
ऐसे हालात में कर्मचारी चाहते हैं कि विभाग की सभी यूनियनों को एक मंच पर आकर सरकार की वादाखिलाफी व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संयुक्त आंदोलन चलाया जाए। ऐसे में ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने महासंघ से संबंधित रोडवेज कर्मचारी यूनियन, सकसं से संबंधित हरियाणा रोडवेज वर्करज यूनियन, हरियाणा रोडवेज मिनीस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन, हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ (बीएमएस), इंटक से संबंधित हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन व हरियाणा रोडवेज स्टाफ संगठन (बीएमएस) के राज्य प्रधानों व महासचिवों को पत्र लिखा है।
जिसमें 20 जनवरी को प्रात: 11 बजे यमुनानगर में प्रस्तावित संयुक्त बैठक में शामिल होने का आह्वान किया है। जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति पर विचार हो सके। उन्होंने कहा कि एकजुट होकर संघर्ष करना आज समय की मांग है और रोडवेज कर्मचारियों की भी यही भावना है, जिसको सम्मान किया जाना चाहिए।