मंगलवार को भी आढ़तियों की हड़ताल जारी रही। मंडी के सभी आढ़ती छठे दिन भी नेशनल हाईवे 73 ए पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहे। छह दिन से लक्कड़ की खरीद-फरोख्त नहीं हुई। लकड़ी सप्लाई बंद होने से प्लाई फैक्ट्रियों पर कामकाज ठप रहा।
उधर, मंडी शिफ्टिंग मामले को लेकर आढ़ती व प्लाईवुड एसोसिएशन के पदाधिकारी विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल व यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा की अध्यक्षता में मार्केट कमेटी के सीए से मिलने चंडीगढ़ गए।
आढ़ती टिंबर एसोसिएशन जगाधरी के प्रधान मेम सिंह दहिया ने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में मानकपुर मंडी की दुकानों का साइज 12 बाई साढ़े 27 करना, रियायती दरों पर दुकानें अलाट की जाए व सात साल तक बिना ब्याज के किश्त हो और 2010 में हुई पहली बोली के आधार पर प्रति स्केयर यार्ड का रेट लगाया जाए आदि शामिल है।
जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती जगाधरी के आढ़ती हड़ताल को जारी रखेंगे। उधर, यमुनानगर लक्कड़ मंडी में भी आढ़ती हड़ताल पर रहे। बतां दे कि जिले की दोनों लक्कड़ मंडियों में जिले के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब व उत्तराखंड से लकड़ी आती है। आढ़तियों के हड़ताल पर जाने से उक्त राज्यों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। वहीं प्लाईवुड फैक्ट्रियां बंद होने से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली से महाराष्ट्र की प्लाई मार्केट पर भी इसका असर पड़ेगा।
बेनतीजा रही सीए से मीटिंग
आढ़ती एसोसिएशन व प्लाईवुड एसोसिएशन जगाधरी व यमुनानगर के पदाधिकारी विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल व यमुनानगर विधायक घनश्याम दास आरोड़ा के नेतृत्व में चंडीगढ़ में मार्केट कमेटी के सीए से मिलने गए। प्लाईवुड एसोसिएशन जगाधरी के प्रधान सतीश ने बताया कि सीए के साथ काफी देर तक बातचीत हुई। बातचीत में उन्होंने मांग रखी थी कि मंडी शिफ्टिंग के मामले मेें छह माह की मोहलत दी जाए। ताकि इन छह माह में मानकपुर मंडी भी पूरी तरह डेवलप हो जाएगी और यमुनानगर में भी स्थाई मंडी की सुविधा आढ़तियों व व्यापारियों को मिल जाएगी। यमुनानगर में तो अभी मंडी की जमीन तक प्रशासन नहीं तलाश पाया है। लेकिन सीए ने उनकी मांगों मानने में असमर्थता जताई। अब वे मुख्यमंत्री से मिलेंगे।
करोड़ों का हो रहा नुकसान
जिले में प्लाईवुड की करीब साढ़े ग्यारह सौ यूनिट हैं। जबकि करीब 300 फैक्ट्रियां, 250 पीलिंग मशीनें, 56 चीपर टेका और 505 आरा मशीनें हैं। सभी जगह पर जरूरत के मुताबिक आढ़तियों द्वारा लकड़ी की सप्लाई दी जाती है। यह लकड़ी यमुनानगर-जगाधरी के आढ़ती किसानों से खरीदते हैं, जो हरियाणा के साथ उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब व हिमाचल प्रदेश से आती है। किसान से आढ़ती और फिर प्लाईवुड व्यापारी तीनों लक्कड़ व प्लाई कारोबार की कड़ी हैं। आढ़तियों की हड़ताल से जहां तीनों कड़ियों से जुड़े करीब सवा लाख लोगों को रोजगार प्रभावित हो रहा है, वहीं रोजाना करोड़ों का नुकसान हो रहा है।