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Yamuna Nagar News: आए माता रानी के नवरात्र, सज गए बाजार

Mon, 22 Sep 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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नवरात्र की पूर्व संध्या पर खरीदारी लोग। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। शीतकालीन नवरात्र सोमवार से शुरू हो रहे हैं। इसके लिए बाजार सज गए हैं। देवी मंदिरों को भी सजाया जा रहा है। नगर निगम कार्यालय से लेकर पेपर मिल रोड पर पूजन सामग्री की दुकानें सज गई। एक दिन पूर्व श्रद्धालुओं ने पूजन सामग्री की खरीदारी की।
दुकानों पर माता के साजो समान चुनरी, श्रृंगार का सामान, माता का चोला, चूड़ियां, माता की मूर्तियां, हार, सूखा मेवे का प्रसाद, सिदूर, नारियल, माता की माला आदि सामान की खरीदारी खूब की। नवरात्र से एक दिन पूर्व बाजारों में काफी रौनक रही। रविवार शाम बाजारों में सामान खरीदने के लिए माता के भक्तों की भीड़ जुटी तो रेलवे स्टेशन रोड पर पेपर मिल गेट से लेकर नगर निगम कार्यालय तक जाम की स्थिति रही।
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माता बाला सुंदरी मंदिर, गीता मंदिर, जंगला वाली माता मंदिर, प्राचीन माता मनसा देवी मंदिर में भी विशेष रूप से तैयारी की गई है। नवरात्र को लेकर सजावटी चौकियां, मूर्तियों से लेकर माता के रंग-बिरंगे वस्त्र से बाजारों में रौनक बढ़ी है। माता के वस्त्र बाजार में चार चांद लगा रहे हैं। इसकी कीमत 50 रुपये से शुरू हैं। इसमें कई कलर विकल्प भी हैं।
बाजार में माता की मूर्तियां भी आ चुकी हैं, जो कि विशेष रूप से सजी हुई हैं। इसकी कीमत 200 रुपये से एक हजार तक है। बाजार में माता की विभिन्न प्रकार की वैराइटी में चुनरी उपलब्ध है। घोटे वाली चुनरी कीमत 35 रुपये भी हैं तो बड़ी चुनरी 300 रुपये तक उपलब्ध है। इसके साथ मोती वाली चुनरी की भी अच्छी मांग रहती है। दुकानदार रामकुमार ने बताया कि उनके पास हर वैरायटी की चुनरी उपलब्ध है।
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दुकानों पर बढ़ी पोशाकों की मांग
चैत्र नवरात्र को देखते हुए दुकानदारों ने पहले से ही तैयारियां करते हुए दुकानों पर सामान सजा लिया। दुकानों के बाहर लटकी माता रानी की चुनरी, पोशाक और अन्य सामान ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। मुकुट, माला, मूर्ति और तस्वीर आदि की खरीदारी की जा रही है। नवरात्र के लिए भक्तों एवं व्यापारियों में काफी उत्साह है। फल विक्रेता राजकुमार ने बताया कि दिन-प्रतिदिन बढ़ती महंगाई से उनके काम पर काफी प्रभाव पड़ा है। क्योंकि फलों के रेट आसमान की ऊंचाई को छू रहे हैं। जो सेब दो दिन पहले 100 रुपये किलो था वह भी 120 रुपये हो गया। कीमत ज्यादा होने से लोग फलों को कम खरीदने लगते हैं।

नवरात्र की पूर्व संध्या पर खरीदारी लोग। संवाद

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