संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा के साथ भारतीय नववर्ष और नवरात्र पर्व का शुभारंभ हो रहा है। नवरात्र उत्सव को लेकर जिलेभर के मंदिरों में इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिरों को सजाया जा रहा है। शहर के प्राचीन श्री मूर्ति देवी मंदिर और देवी भवन मंदिर में नौ दिन विशेष कार्यक्रम होंगे। वही बाजार में नवरात्र की रौनक दिखने लगी है। लोग पूजन सामग्री की खरीदारी में जुटे है।
पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि मां दुर्गा नवरात्र पर पृथ्वी पर हर बार वाहन पर आती हैं। इस बार मां का आगमन मंगलवार को हो रहा है, इसलिए उनका वाहन घोड़ा होगा। कुछ लोग मां का वाहन पर आगमन युद्ध व क्रांति का प्रतिक और अशुभ मानते हैं। लेकिन यह सही नहीं है, मां का आगमन घोड़े पर होने का अर्थ दुष्ट दलन है। ऐसे में पाप कर्म करने वालों को मां दंड देगी और धर्म प्रेमियों की रक्षा कर उन्हें सुख समृद्धि और भक्ति का वरदान प्रदान करेंगीं।
पंडित महेश शांडिल्य के अनुसार इस बार प्रतिपदा तिथि आठ अप्रैल रात 11:50 बजे से शुरू होगी। समापन नौ अप्रैल रात साढ़े आठ बजे होगा। इस कारण नवरात्र व्रत व घट स्थापना नौ अप्रैल को की जाएगी। नौ अप्रैल को अमृतसिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि दो शुभ संयोग बन रहे हैं। नौ दिनों विधि अनुसार मां की पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होंगे और मां निरोगता, सुख-समृद्धि व यश, वैभव का वरदान देंगीं।
नौ अप्रैल को ही घट स्थापना की जाएगी। इस दौरान सुबह छह बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 23 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा। मंगलवार व अश्विनी नक्षत्र होने के कारण अमृतसिद्धि योग बन रहा है, जो अत्यंत शुभ व मंगलकारी योग है। घट स्थापना कर मां को लाल चुनरी, लाल वस्त्र, शृंगार का सामान, दीपक, घी, तेल, धूप, नारियल, चावल, कुमकुम, फूल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, मिश्री, कपूर, फल, मिठाई व कलावा अर्पित किया जाएगा।