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सुबह 12:04 से 12:54 तक घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

Fri, 08 Apr 2016 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
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नवरात्र - फोटो : yamunanagar
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यमुनानगर। चैत्र मास के नवरात्र शुक्रवार (आज) से शुरू हो रहे हैं। पहले दिन घट (कलश) स्थापना और माता शैलपुत्री का पूजन होता है। ज्योतिषों द्वारा घट स्थापना हेतु सुबह 12:04 से 12:54 बजे तक का समय को शुभ बताया जा रहा है। इससे पूर्व वैधृति योग में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं, इसलिए इस बार घट स्थापना देरी से होगी। नवरात्र की पूर्व संध्या पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखा। बाजारों में लोगों ने व्रत और पूजन सामग्री खरीदारी वहीं, मंदिर भी पूरी तरह लाइटों से जगमगाते नजर आए। श्रद्धालु देवियों की मूर्तियों, नारियल, चुनरी, श्रृंगार का सामान, घी, ज्योत, प्रसाद, फल व व्रत की खाद्य सामग्री खरीदते दिखाई दिए। देर शाम तक यमुनानगर में पेपर मिल गेट, मीना बाजार, न्यू मार्केट, जंगला वाले माता मंदिर, कैंप मेन बाजार, जगाधरी वर्कशॉप में आईटीआई मार्ग, जगाधरी के चौक बाजार, खेड़ा बाजार, रेलवे बाजार और देवीभवन बाजार में खरीदारी को लेकर लोगों की भीड़ जुटी रही।
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इस बार आठ दिन होंगे नवरात्र :
पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष नवरात्र प्रतिपदा तिथि के दिन प्रारंभ होते हैं। प्रतिपदा तिथि सात अप्रैल को शाम 4:53 से शुरू होकर आठ अप्रैल को दोपहर 1:05 बजे खत्म होगी। चूंकि प्रतिपदा आठ अप्रैल को सूर्योदय के समय होगी, इसलिए उदयातिथि से ही नवरात्र प्रारंभ माने जाएंगे। तिथि क्षय होने के कारण दूसरा व तीसरा नवरात्र एक ही दिन होने से इस बार नवरात्र आठ दिन होंगे। वहीं, आठ अप्रैल को सुबह 10:40 तक वैधृति योग के कारण इस बार घट स्थापना हेतु सुबह 12:04 से 12:54 तक का समय शुभ व अभिजित मुहूर्त रहेगा। चूंकि वैधृति योग के दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं, इसलिए घट स्थापना देरी से होगी।

ऐसे करें घट स्थापना :
महेश शांडिल्य ने बताया कि मिट्टी के घड़ा/करवा लेकर उसमें पानी भर लें। इसके उपरांत उसमें चावल, मीठा व दुबड़ा डाल दें। साथ ही घड़े के ऊपर मौली बांध दें। उस पर कुमकुम से स्वास्तिक का चिह्न बनाने के बाद ऊपर आम का पत्ता और टहनी रख पानी वाली नारियल रखें। यह नारियल पूरे नवरात्रे स्थापित रहता है। उस घड़े के पास ही मां दुर्गा की प्रतिमा किसी चौकी पर आसीन करनी चाहिए। फिर जोत प्रज्ज्वलित कर मां दुर्गा सप्तति का पाठ करें। इसके उपरांत विधिवत रूप से मां भगवती की आरती करें। उन्होंने कहा कि नवरात्र में सच्चे मन से मां भगवती की अराधना करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।  वहीं, एक पात्र में रेत भरकर उसमें खेतरी (जौ) की बिजाई करें।
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इन मंदिरों में रहेगी ज्यादा रौनक :
जगाधरी रेलवे स्टेशन स्थित प्राचीन देवी मंदिर, मॉडल टाउन स्थित सनातन धर्म मंदिर, छोटी लाइन स्थित जंगलावाली माता जी के मंदिर, मॉडल कॉलोनी स्थित रामजी की कुटिया, जगाधरी के देवीभवन बाजार स्थित प्राचीन देवीमंदिर में नवरात्र को लेकर खासी तैयारियां हैं। वहीं, जिले की सीमा से लगते हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित त्रिलोपुर धाम में दस दिन तक चलने वाले मेले की विशेष तैयारी हो रही है। नवरात्र शुरू होने से पूर्व संध्या पर ही मंदिरों को पूरी तरह लाइटों, फूलों व चुनरियों से सजा दिया गया था।
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