यमुनानगर। रादौर के छोटा बांस इलाके की डेहा बस्ती में बुलडोजर कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक पड़ताल में पता चला कि बस्ती के बाहरी हिस्से में तंग गलियां और छान बनाई गई थीं और अंदरूनी हिस्से में पक्के और आलीशान मकान खड़े किए गए हैं। गलियां इतनी संकरी थीं कि किसी भी चार पहिया वाहन का अंदर तक पहुंचना मुश्किल था।
वर्षों में नगरपालिका की भूमि पर धीरे-धीरे कब्जे बढ़ते गए और अस्थायी ढांचों की आड़ में पक्के निर्माण होते रहे। हालिया कार्रवाई में मुख्य रूप से अस्थायी मकानों और छानों को हटाया गया। बस्ती में अभी भी करीब 200 पक्के मकान मौजूद हैं। इनमें से अधिकांश निर्माण बिना वैध स्वीकृति के बताए जा रहे हैं। प्रशासन अब इन मकानों का रिकॉर्ड खंगाल रहा है। संबंधित विभागों की ओर से निर्माणों की वैधता की जांच की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद अवैध पाए जाने वाले मकान मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों तक अनदेखी के कारण बस्ती का स्वरूप बदल गया। अधिकारियों का कहना है कि नगरपालिका की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डेहा बस्ती में हुई कार्रवाई को प्रशासन की शुरुआत माना जा रहा है और आने वाले दिनों में अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की संभावना से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। नगरपालिका की भूमि पर बने कई पक्के मकानों में एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरण मिलने से लोगों में हैरानी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब निर्माण अवैध थे तो इन मकानों तक बिजली कनेक्शन किस प्रक्रिया के तहत पहुंचे। क्या संबंधित विभागों ने दस्तावेजों की जांच की थी या फिर नियमों को नजरअंदाज किया गया? कार्रवाई के बाद अब लोगों की मांग है कि बिजली कनेक्शनों की भी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। संवाद
बस्ती में रहता था सीसीटीवी कैमरों का पहरा
छोटाबांस की डेहा बस्ती में पुलिस कार्रवाई के दौरान सामने आया कि बस्ती के विभिन्न रास्तों और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार इन कैमरों के जरिए बाहरी लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। बस्ती में आने वाले अनजान लोगों की सूचना तुरंत संबंधित लोगों तक पहुंच जाती थी। पुलिस पर पथराव और आरोपी को छुड़ाने की घटना के बाद जांच एजेंसियां भी इस निगरानी तंत्र से जुड़े पहलुओं को खंगाल रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि कैमरों की फुटेज और नेटवर्क की जांच से कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
डेहा बस्ती से अस्थाई कब्जे को हटवाया गया है, वहीं अवैध तरीके से बने पक्के मकानों को नोटिस जारी किए जा रहे है। नगरपालिका की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को नियमानुसार हटवाने की कार्रवाई की जा रही है। - सुरेन्द्र मलिक, सचिव नगरपालिका रादौर।
डेहा बस्ती में पुलिस टीम पर पथराव करने के आरोपियों की तलाश जारी है। बस्ती में संचालित अवैध गतिविधियों की भी जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - कमलदीप गोयल, एसपी यमुनानगर।
पुलिस पर हमले का दूसरा आरोपी काबू
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डेहा बस्ती में पुलिस टीम पर हुए हमले एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। थाना रादौर पुलिस आरोपी डेहा बस्ती निवासी बिल्ला उर्फ बिल्ला नंबरदार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस आरोपी रवीना को गिरफ्तार कर चुकी है।
थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि 16 जून को करनाल सीआईए की टीम नशा तस्करी के एक आरोपी को पकड़ने डेहा बस्ती पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और पुलिस वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए गए थे। भीड़ आरोपी राजेंद्र को छुड़ाकर ले गई थी।
मामले में पुलिस ने तालिम, प्रदीप, सूरज, सीका, फरमान, दर्शन, महीपाल, नीतु, रघुबीर और बिल्ला नंबरदार सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। एसपी कमलदीप गोयल का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डेहा बस्ती में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस टीम लगातार गश्त कर रही है।
डेहा बस्ती की संकरी गली। संवाद- फोटो : samvad
डेहा बस्ती की संकरी गली। संवाद- फोटो : samvad