फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो खेमों में बंटी शहर की सरकार, जनता के काम रुके

Fri, 26 Jun 2015 12:20 AM IST
ब्ूयरो/अमर उजाला, यमुनानगर
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम बनने के बाद शहरवासियों को चुने गए प्रतिनिधियों के बीच विवादों की चर्चाएं ज्यादा सुनने को मिल रही हैं। शहर की सरकार दो खेमों बंटी है और पार्षदों के बीच की तकरार में शहर की जनता पिसती दिख रही है। पार्षदों की आपसी खींचतान और प्रशासनिक उदासीनता से शहर के विकास कार्यों को हरी झंडी नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन


नगर निगम पार्षदों के दोनों खेमों के बीच ताजा विवाद एजेंडा फाइनल करने व हाउस मीटिंग को लेकर चल रहा है। मेयर की ओर से डीसी को भेजे एजेंडे पर दूसरे पक्ष के पार्षद सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मेयर व उनके पक्ष के पार्षदों ने स्वयं एजेंडा तैयार कर लिया और इसमें सभी पार्षदों की सर्वसम्मति नहीं ली गई।

उधर, मेयर सरोज बाला का कहना है कि एजेंडा पार्षदों की सर्वसम्मति से तैयार करने के बाद ही डीसी को भेजा गया है। हाउस हाउस मीटिंग न कराने को लेकर मेयर समेत उनके पक्ष के पार्षद डीसी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। उनका आरोप है कि उनके भेजे प्रस्ताव को जिला प्रशासन ने गंभीरता से नहशीं लिया। न तो हाउस मीटिंग कराई और न ही इसकी कोई वजह स्पष्ट की।
विज्ञापन


आज तक नहीं तय हुई हाउस मीटिंग की कोई निश्चित तारीख
नगर निगम पार्षदों के बीच की तकरार में प्रशासन भी लंबे अर्से से मौन है। यही कारण है कि हाउस मीटिंग व उसके एजेंडे को फाइनल करने की कोई डेट आज तक तय नहीं हुई। नियमानुसार हाउस मीटिंग हर माह होनी चाहिए, लेकिन इसमें हर बार दो से तीन माह का समय लग रहा है। दिसंबर के बाद 19 मार्च को हुई पिछली बैठक को तीन माह बीत चुके है।  

खींचतान छोड़ विकास पर दें ध्यान
शहरवासी रवि शर्मा, हरीश, विनोद कुमार, हरप्रीत सिंह, ब्रिजेश, नीलम सिंह, अमर सिंह ने कहा कि जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों को आपसी खींचतान को छोड़ शहर के विकास व लोगों की भलाई के बारे में सोचना चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि हाउस मीटिंग से पहले एजेंडा फाइनल तैयार करने के लिए पार्षदों की बैठक कराएं, जिसमें वह सर्वसम्मति से एजेंडे में अपने वार्डों के प्रस्ताव रख सकें। इसके साथ हर माह में हाउस मीटिंग की कोई एक तारीख निर्धारित हो, जिससे अधिकारियों के साथ पार्षदों के मनमुटाव की स्थिति पैदा न हो पाए।

दो ग्रुपों में बटे नजर आते हैं पार्षद
सूत्रों की मानें तो मेयर सरोज बाला सहित वार्ड नंबर-15 से पार्षद व उप मेयर रामपाल, वार्ड एक से पार्षद रामस्वरूप, पांच से देवेंद्र सिंह, 10 से सतपाल, 11 से अजय कुमार, 12 से प्रिया, 13 से नवतीन उर्फ नीलू पंडित, 14 से निर्मल चौहान, 16 से जसबीर सिंह, 17 से सुशल, यह सभी एक ग्रुप में हैं। जबकि दूसरे ग्रुप में सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू, वार्ड नंबर-दो से पार्षद निशा देवी, तीन से पूनम रानी, चार से प्रमोद सेठी, छह से प्रीति जोहर, सात से कुसुम त्यागी, आठ से संगीता सिंघल 18 से कर्मबीर, 19 से नीरज राणा हैं।

दो-तीन दिन के लिए टला कमिश्नर से मिलने का कार्यक्रम
वार्ड नंबर-13 से पार्षद नवतीन उर्फ नीलू पंडित ने कहा कि हाउस मीटिंग न कराने के विरोध में डीसी समेत प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ अंबाला कमिश्नर से मिलने जाना था, लेकिन मेयर सरोज बाला के दिल्ली में कार्यक्रम में जाने से इसे दो-तीन दिन के लिए टाल दिया गया है। वह वार्ड में विकास कार्यों को मंजूरी दिलाने के लिए मीटिंग चाहते हैं, जिसे प्रशासन नहीं होने दे रहा है। पार्षद प्रशासनिक अधिकारियों से दुखी हैं, इसीलिए आज यह नौबत आई है।

सर्वसम्मति से तैयार हो एजेंडा
सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू का कहना है कि नियमानुसार हाउस मीटिंग हर माह होनी चाहिए, हम भी यह मांग करते रहे हैं लेकिन उससे पहले एजेंडा तैयार करने के लिए प्रोपर-वे में पार्षदों की सर्वसम्मति होनी जरूरी है। ताकि हर पार्षद अपने वार्ड के मुख्य प्रस्ताव शामिल करवा सके लेकिन अकेले मेयर पक्ष के पार्षद एजेंडा तैयार कर लेते हैं, जो सरासर गलत है। सभी पार्षदों को यह तक पता नहीं चल पाता कि कब एजेंडा तैयार हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें