संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में सरसों की सरकारी खरीद शनिवार से शुरू हो रही है। इस बार प्रशासन ने खरीद के लिए केवल दो केंद्र निर्धारित किए हैं, जिनमें जगाधरी अनाज मंडी और रादौर अनाज मंडी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार दोनों मंडियों में खरीद प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सरकार की ओर से इस सीजन के लिए सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। विभागीय अनुमान के मुताबिक इस बार जिले की मंडियों में करीब 7500 क्विंटल सरसों की आवक हो सकती है। इस बार साढौरा अनाज मंडी को खरीद केंद्रों की सूची से बाहर कर दिया गया है, जबकि पिछले वर्ष साढौरा, रादौर और जगाधरी तीनों मंडियों में खरीद की गई थी। केंद्रों की संख्या घटने से कुछ किसानों को दूरी का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि प्रशासन का दावा है कि मौजूदा व्यवस्था से खरीद प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
रादौर अनाज मंडी में पिछले वर्ष से सरसों खरीद की शुरुआत की गई थी। यह पहल कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के प्रयासों से संभव हो पाई थी, जिससे रादौर और जठलाना क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ा। इस सुविधा को इस बार भी जारी रखा गया है। साढौरा मंडी में खरीद न होने से साढौरा, व्यासपुर, रणजीतपुर, प्रतापनगर, छछरौली के किसानों को सरसों बेचने के लिए जगाधरी मंडी में आना होगा।
मार्केट कमेटी रादौर के सचिव राजीव चोपड़ा ने बताया कि मंडी में किसानों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। तौल, भुगतान और फसल की ढुलाई से संबंधित व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपनी सरसों की फसल को मंडी में लाने से पहले अच्छी तरह साफ और सुखाकर लाएं। नमी अधिक होने पर फसल की खरीद में दिक्कत आ सकती है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।