तीर्थ नगर में हुए सराफ प्रवीण हत्या और उसकी दुकान से सोना-चांदी लूटकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। एसपी का कहना है कि सराफ के दोस्त अशोक ने दुकान में दस तोले सोना और 15 किलो चांदी देख बेईमानी की नीयत से शराब पिलाने के बाद नशे में हो जाने पर उसका कपड़े से गला घोंटकर हत्या की थी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि लूटा गया सोना-चांदी अभी बरामद नहीं हो सका है। एसपी ने कहा आरोपी को रिमांड लिया गया है, पूछताछ कर सोने चांदी की बरामदगी की जाएगी।
सराफ प्रवीण कुमार ने तीर्थनगर में जहां मां शाकुंभरी ज्वैलर्स के नाम से दुकान खोली थी, वहीं पर दो महीने पहले हत्यारोपी अशोक फर्नीचर की दुकान करता था। दड़वा निवासी अशोक निम्न मध्यवर्गीय परिवार से संबंध रखता है। उसके पास पहले ही काम कम था और लॉकडाउन में काम पूरी तरह बंद हो गया। ऐसे में उसने दुकान खाली कर दी। फिर उसने दो माह पहले अपने दोस्त प्रवीण उर्फ मोहनलाल को यह दुकान दिलवा दी। वह अक्सर उसके पास आता था। दुकान में सोना चांदी देकर उसकी नीयत बिगड़ गई। उसने माल लूटने की योजना बनाई, लेकिन प्रवीण के रहते यह संभव नहीं था। एसपी के मुताबिक, अशोक ने शराब पिलाकर वारदात को अंजाम तक पहुंचाने की योजना बनाई। इसके तहत वह शनिवार की रात शराब की बोतल लेकर प्रवीण की दुकान में पहुंच गया। यहां आरोपी अशोक ने प्रवीण को शराब पिलाई और खुद बीयर पीने की इच्छा जताई। अशोक जानता था कि शराब पीकर वह वारदात को अंजाम नहीं दे सकेगा और प्रवीण उसके सामने अकेले शराब पीएगा नहीं। जिस पर वह अपने लिए बीयर लेकर गया था। जब प्रवीण को नशा हुआ तो अशोक ने चांदी का अंगुठी खरीदने की इच्छा जताई। प्रवीण ने सेफ खोला तो अशोक ने दुकान में ही पड़े कपड़े से उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद सारा माल लूटकर भाग गया।
अशोक ने प्रवीण की हत्या और दुकान लूटने की साजिश सोच समझकर रचि थी। उसने हत्या और लूट का शक बदमाशों पर हो इसका पूरा ध्यान रखा था। योजना में गलती न हो इसलिए उसने शराब नहीं पी। दुकान में आने जाने के लिए पीछे के दरवाजे का इस्तेमाल किया। अंदर की गतिविधियों पर किसी की नजर न पड़े इसलिए बाहर की लाइट बंद कर दी थी। वह जानता था कि यदि वह स्वयं सेफ खोलेगा तो समय में ज्यादा लगेगा और उसकी अंगुलियों के निशान भी सेफ पर आ जाएंगे। जिसे मिटाना बहुत मुश्किल व खतरनाक होगा। इसलिए उसने प्रवीण से ही सेफ खुलवाई, ताकि पुलिस को जांच के दौरान उसके निशान इत्यादि न मिले।
प्रवीण की दुकान पहले अशोक के पास किराये पर थी। वारदात के दिन अशोक प्रवीण के पास शराब लेकर पहुंचा। दुकान के ऊपर बने क्वार्टर में रहने वाली महिला ने अशोक को पहचानती थी। तो जब वह आया तो महिला ने उसे देख लिया। अपने मंसूबे को अंजाम देने के बाद अशोक वहां से चला गया। पुलिस जांच में जब यह बात सामने आई तो उसे शक के दायरे में लेते हुए पुलिस ने सबूत जुटाने शुरू कर दिए। आरोपी की कॉल डिटेल, लोकेशन इत्यादि के आधार पर पुलिस ने उसे धर दबौचा। पूछताछ मे िंआरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
एसपी ने मामले की जांच सीआईए-2 को सौंपी थी। इंचार्ज महरूफ अली ने हत्यारोपी को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया था। टीम में उप निरीक्षक धर्मपाल, एएसआई मोहनलाल, मुख्य सिपाही अरुण कुमार, मुख्य सिपाही राजू राणा, सिपाही कुलदीप शामिल किया गया। टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इंचार्ज ने बताया कि आरोपी को कोर्ट से दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से लूट का माल बरामद किया जाएगा। वहीं पता किया जाएगा कि इस हत्या व लूट की साजिश में वह अकेला था या किसी और ने भी उसकी सहायता की है। वहीं आरोपी के गुनाह कबूलने की कहानी को क्रास चेक किया जाएगा।
थाना सदर के तीर्थ नगर स्थित मां शाकुंभरी ज्वैलर्स शॉप के संचालक प्रवीण कुमार की दुकान में गला घोंटकर शनिवार रात को हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद दुकान में रखा 10 तोले सोना और 15 किलो चांदी लूट ली गई थी। संचालक परिजनों को आर्डर तैयार करने के कारण दुकान पर देरी होने की बात कह कर निकला था। अगली सुबह उसका शव दुकान पर पड़ा मिला और दुकान की सेफ खाली थी।